नई दिल्ली। फिल्मों में जितनी असलियत दिखाई दें सीन देखने में उतना ही मज़ा आता है। फिल्म निर्माता भी हमेशा यह पूरी कोशिश करते हैं कि दर्शकों को जो भी दिखाएं वह उनके दिल को बस छू जाएं। इन सभी बातों को ध्यान में रखने से फिल्म बनती और सुपरहिट होती है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा निर्देशक द्वारा दिए गए सीन में असलियत में एक कलाकार एक जान फूंकता है। कभी-कभी किरदार को पतले से मोटा, मोटे से पतला होना ही पड़ता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे किस्से के बारें में बताएंगे। जिसे सुन आप भी हैरान हो जाएंगे।
एक्ट्रेस श्वेता मेनन जो एक मलयालम की फेमस अभिनेत्री हैं। यह उनकी लाइफ का एक ऐसा किस्सा है कि जब भी कोई इसे सुनता है। वह हैरानी से अपनी लंबी सांसे भरने लगता है। दरअसल, यह बात साल 2013 की है। जब श्वेता मेनन फिल्म कालीमन्नू की शूटिंग कर रही थीं। इस फिल्म का निर्देशन ब्लेसी कर रहे थे। फिल्म की डिमांड के अनुसार फिल्म में एक सीन ऐसा था। जिसमें श्वेता को एक बच्चे को जन्म देना था। खास बात यह है कि वह उस दौरान गर्भवती भी थीं। लेकिन तब उनका पांचवा ही महीना चल रहा था।
फिल्म कालीमन्नू 3 घंटे की फिल्म थी और बच्चे को जन्म देने का सीन 45 मिनट का था। सीन देते वक्त एक्ट्रेस के सामने तीन कैमरें लगाए हुए थे। साथ ही सुरक्षा के लिए डॉक्टर्स, नर्स और फिल्म से जुड़ी टीम सेट पर मौजूद थी। श्वेता ने फैसला लिया कि वह इस सीन में असलियत में बच्चे को जन्म देंगी। इस फैसले में उनके पति ने उनका पूरा साथ दिया। यह सुन निर्देशक ने शूटिंग को रोक दिया। श्वेता के महीने पूरे होने पर सेट पर ही उन्होंने अपने बच्चे को जन्म दिया।
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