Thursday, October 21, 2021

आपके खाते में पैसे आने के लिए नहीं है OTP की जरूरत, RBI ने ठगी से बचने की दी सलाह

नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों में कई बुजुर्गों को खाते में पैसे भेजने का लालच देकर उनसे ओटीपी मांगकर ठगी की गई है। इन सभी मामलों में बुजुर्गों से कहा गया कि आपके अकाउंट में पैसे जाएंगे, इसलिए अपने मोबाइल पर आने वाला ओटीपी बता दीजिए। जो लोग अभी डिजिटल पेमेंट करना सीख रहे हैं, उन्हें ठग आसानी से धोखा देकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग वन टाइम पासवर्ड (OTP) फ्रॉड का शिकार हो रहे हैं।


क्या है OTP फ्रॉड:

ऑनलाइन या डिजिटल प्लैटफॉर्म पर पेमेंट करते वक्त यूजर्स की ओर से ही पेमेंट किया जा रहा है, यह कन्फर्म करने के लिए मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आता है। आप ओटीपी डालने के बाद ही पेमेंट कर सकते हैं और यही वजह है कि आपको ओटीपी किसी से न शेयर करने की सलाह दी जाती है।


धोखेबाज से करते है फ्रॉड:

पेमेंट करने वाले नए लोगों को धोखेबाज ओटीपी पूछकर उन्हें अपना शिकार बना लेते हैं। आपको यह ध्यान रखना है कि आपके बैंक खाते में पैसे जमा करने के लिए कोई ओटीपी नहीं चाहिए। ओटीपी आपके खाते से पैसे किसी और व्यक्ति को भेजने के लिए चाहिए। यह ओटीपी टेक्स्ट मैसेज के रूप में आता है और निश्चित समय (10मिनट तक) तक ही इसे यूज किया जा सकता है। फ्रॉड करने वाले इसकी मदद से बड़ी रकम अकाउंट से गायब कर देते हैं।


RBI ने कहा:

ओटीपी की जरूरत केवल भुगतान करते वक्त पड़ती है और पैसे रिसीव करने के लिए आपको कोई ओटीपी नहीं चाहिए। कई मामले सामने आए हैं, जिनमें फ्रॉड करने वाला खुद पैसे भेजने की बात कहकर आपसे ओटीपी पूछ लेता है और बदले में आपका ही अकाउंट खाली कर देता है।


समझिए किस लिए होता है OTP:

ओटीपी फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी है कि जब भी आप कहीं ओटीपी डालने जा रहे हों, तय कर लें कि कितनी रकम आपके अकाउंट से कटने वाली है। साथ ही जिस पेज पर ओटीपी डालना है, उसका सोर्स क्या है और मर्चेंट ट्रस्टेड है या नहीं, इसे समझना भी जरूरी है। अगर सोर्स विश्वसनीय न लगे तो फौरन पेमेंट कैंसल कर दें। आपको पेमेंट पाने के लिए किसी ओटीपी की जरूरत नहीं है।


अनजान नंबर को ना दें कोई भी डीटेल:

अनजान नंबर से आने वाली फोन पर अपना कोई भी व्यक्तिगत डिटेल (Personal Detail) देने से आपको बचना चाहिए। अनजान नंबर से आई कॉल पर हाल में ही दिल्ली के एक बुजुर्ग ने बैंक खाते की डिटेल और ओटीपी (OTP) शेयर कर दिया। इसके बाद उनके अकाउंट से एक झटके में 12 लाख रुपये किसी धोखेबाज ने ट्रांसफर कर लिए। बुजुर्ग को बाद में बैंक से आए ईमेल के जरिए इस धोखाधड़ी का पता चला।



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