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Thursday, April 18, 2024

इस फंड ने 16 साल में दिया 9 गुना रिटर्न, एक लाख का निवेश बना 9.6 लाख

म्यूचुअल फंड में अगर आप लंबे समय तक निवेश करते हैं तो आपको बेहतर रिटर्न मिलता है। उदाहरण के तौर पर ब्लू चिप फंड में किसी ने अगर इसकी शुरुआत यानी मई 2008 में एक लाख रुपए का निवेश करके की होगी तो वह रकम इस साल मार्च तक 9.6 लाख रुपए हो गई है। यानी 9 गुना से ज्यादा का रिटर्न मिला है। ब्लूचिप मूलरूप से लार्ज कैप शेयरों में निवेश करता है। जब लार्ज कैप निवेश की बात आती है, तो निवेशकों के पास चुनने के लिए विभिन्न प्रकार के लार्ज कैप म्यूचुअल फंड होते हैं। लार्ज कैप फंड होने के नाते, इस स्कीम का निवेश बाजार पूंजीकरण के हिसाब से शीर्ष 100 कंपनियों में होता है। फंड बॉटम अप स्टॉक चुनने के दृष्टिकोण का पालन करता है। यह फंड बहुत बड़े क्षेत्रों को ध्यान में नहीं रखता है, लेकिन क्षेत्रों के भीतर, इसका लक्ष्य सबसे आशाजनक दृष्टिकोण वाले शेयरों को चुनना है।

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पोर्टफोलियो का हिस्सा बनने के लिए तीन शर्तें

किसी भी कंपनी को इस पोर्टफोलियो का हिस्सा बनने के लिए तीन शर्तों को पूरा करना होता है। इसमें लाभप्रदता का ट्रैक रिकॉर्ड, बाजार में अग्रणी और उचित संयोजन क्षमता। अपने पूरे इतिहास में फंड ने 2008 के वित्तीय संकट, 2013 की ब्याज दर में बढ़ोतरी और 2020 की कोविड-19 महामारी सहित विभिन्न बाजार घटनाओं का सामना किया है। इनमें से प्रत्येक चरण में फंड ने कम अस्थिरता का प्रदर्शन किया है। इस फंड ने 2008 से अब तक सालाना 15.33 फीसदी चक्रवृद्धि दर से रिटर्न दिया है। इसकी तुलना में इसके बेंचमार्क निफ्टी 100 टीआरआई में 14.09 फीसदी सीएजीआर का रिटर्न मिला है। फंड का एसआईपी रिटर्न भी प्रभावशाली रहा है। 10,000 रुपए का एसआईपी के जरिए 16 साल में कुल 19 लाख रुपए का निवेश अगर किसी ने किया होगा तो इसका मूल्य 78.32 लाख रुपए हो गया है। यानी 16.15 फीसदी का रिटर्न। बेंचमार्क में इसी निवेश पर केवल 14.30 फीसदी का रिटर्न मिला है।

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एक साल में फंड ने दिया 42 फीसदी का रिटर्न

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के डिप्टी सीआईओ अनीश तवाकले का कहना है कि पिछले एक साल में फंड ने 42.23 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि इसके बेंचमार्क ने केवल 34.97 फीसदी का रिटर्न दिया है, जो 7.26 फीसदी अधिक है। तीन और पांच साल के रिटर्न का भी यही ट्रेंड रहा है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ब्लूचिप का कुल एयूएम इस समय 51,554.28 करोड़ रुपए है। फंड की शीर्ष होल्डिंग्स में वित्तीय सेवाओं का योगदान 22 फीसदी, तेल, गैस और ईंधन का 12.92 फीसदी, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स का 10.23 फीसदी और आईटी का 8.99 फीसदी रहा हैं।



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Wednesday, April 17, 2024

सराफा बाजार में तेजी बरकरार, बिल पर सोना 75800 रुपए दस ग्राम के रेकॉड स्तर पर

कॉमेक्स पर सोने की कीमतें 2,400 डॉलर से नीचे आई
इंदौर. एशियाई व्यापार में सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि शीर्ष फेडरल रिजर्व अधिकारियों की तीखी टिप्पणियों से डॉलर और ट्रेजरी पैदावार में तेजी आई, जिससे पीली धातु पर दबाव पड़ा, लेकिन सराफा बाजार में कीमतें अभी भी हालिया शिखर पर बनी हुई हैं, क्योंकि ईरान और इजराइल के बीच युद्ध की लगातार चिंताओं ने सुरक्षित आश्रय की मांग को बरकरार रखा है। बाजार में सोना बिल पर 75800 रुपए दस ग्राम पर पुहंचा। कॉमेक्स पर सोना 2389.10 डॉलर प्रति औंस रहा। चांदी 28.41 डॉलर प्रति औंस पर रही। इंदौर सराफा बाजार सोना कैडबरी नकदी में (99.50) 75650 रुपए प्रति दस ग्राम। 22 कैरेट 69400 रुपए प्रति दस ग्राम। चांदी (एसए) चौरसा नकदी में 83500 व टंच 83600 रुपए प्रति किलो रही। आरटीजीएस में सोना कैडबरी 75800 रुपए प्रति दस ग्राम। चांदी (एसए) चौरसा 85500 रुपए किलो रही। चांदी सिक्का 900 रुपए प्रति नग रहा।
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विदेशी गिरावट से सोया तेल के भाव नरम
इंदौर. विदेशी बाजारों में आई गिरावट के चलते घरेलू स्तर पर सोया तेल के भाव नरम रहे। सोया खली में आई मंदी से सोयाबीन के भाव दबे रहे। प्लांटों की खरीदी भी कमजोर रही। बताया जा रहा है कि विदेशी बाजार में तेल की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई क्योंकि वैश्विक मांग पर चिंताओं को प्राथमिकता दी गई। यह आशंका चीन के कमजोर आर्थिक संकेतकों और आसन्न अमरीकी ब्याज दरों में कटौती के लिए घटती उम्मीदों से उपजी है, जिसने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से जुड़ी आपूर्ति चिंताओं पर पानी फेर दिया है।
जून डिलीवरी के लिए ब्रेंट फ्यूचर्स में 7 सेंट की मामूली गिरावट आई, जो 89.16 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि मई डिलीवरी के लिए अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स 10 सेंट घटकर 85.26 डॉलर प्रति बैरल रह गया। इस सप्ताह का मूल्य परिवर्तन आर्थिक चुनौतियों के कारण निवेशकों की सतर्क भावना को दर्शाता है, जिसने कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव को कम कर दिया है जो पहले भू-राजनीतिक संघर्षों से प्रेरित था।
देश की मंडियों में 4.50 लाख बोरी सरसों की आवक हुई। राजस्थान में 4 लाख, मध्यप्रदेश में 75 हजार, यूपी में 75 हजार, पंजाब-हरियाणा में 50 हजार, गुजरात में 25 हजार व अन्य राज्यों में 75 हजार बोरी सरसों आई।
लूज तेल (प्रति दस किलो) : इंदौर मंूगफली तेल 1490 से 1510, मुंबई मूंगफली तेल 1500, इंदौर सोयाबीन रिफाइंड 955 से 960, इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 900 से 905, मुंबई सोया रिफाइंड 955 से 960, मुंबई पाम तेल 960, इंदौर पाम 1015, राजकोट तेलिया 2320, गुजरात लूज 1450, कपास्या तेल इंदौर 1015 रुपए।
तिलहन : सरसों निमाड़ी (बारीक) 5700 से 5750, एवरेज 5300 से 5500, रायड़ा 4600 से 4700, सोयाबीन 4700 रुपए क्विंटल। सोयाबीन डीओसी स्पॉट 40500 रुपए टन।
प्लांटों के सोयाबीन भाव : बैतूल 4800, लक्ष्मी 4840, प्रेस्टीज 4750, रुचि 4700, सांवरिया 4850, खंडवा 4700, धानुका 4780, एमएस नीमच 4750, एमएस पचोर 4800 व एवी 4675 रुपए।
कपास्या खली ( 60 किलो भरती) बिना टेक्स भाव - इंदौर 1850, देवास 1850, उज्जैन 1850, खंडवा 1825, बुरहानपुर 1825, अकोला 2875 रुपए।
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प्राइवेट कारोबार में चना कांटा 6400 रुपए क्विंटल बिका
इंदौर. रामनवमी के उपलक्ष्य में छावनी अनाज मंडी में अवकाश रहा। प्राइवेट कारोबार में चना कांटा 6400, विशाल 6150 व मसूर 6050 रुपए क्विंटल के सौदे हुए। दालों में ग्राहकी कमजोर रही। उधर केन्द्र सरकार द्वारा दिसम्बर 2023 के पहले सप्ताह में पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई थी और तब से इसकी मात्रा बढऩे लगाई। मोटे अनुमान के अनुसार दिसम्बर 2023 से मार्च 2024 के दौरान देश में लगभग 12.75 लाख टन पीली मटर का आयात हुआ जिसमें रूस एवं कनाडा के माल की भागीदारी सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा यूक्रेन तथा लिथुआनिया सहित कुछ अन्य देशों से भी पीली मटर का आयात हुआ। सरकार ने पहले 31 मार्च 2024 तक पीली मटर के शुल्क मुक्त एवं नियंत्रण मुक्त आयात की स्वीकृति दी थी जिसे बढ़ाकर पहले 30 अप्रैल तक की गई और अब उसकी समय सीमा 30 जून 2024 तक बढ़ा दी गई है। वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में 2023-24 के दौरान देश में मसूर, उड़द एवं पीली मटर के साथ-साथ चना, राजमा एवं लोबिया के आयात में बढ़ोत्तरी हुई मगर तुवर का आयात घट गया। समीक्षाधीन अवधि में चना का आयात 59.255 टन से उछलकर 1.48 लाख टन, राजमा का आयात 82,736 टन से बढक़र 1.28 लाख टन तथा लोबिया का आयात 33,465 टन से सुधरकर 38,034 टन पर पहुंचने का अनुमान है।
मुंबई पोट पर आयातित चना तंजानिया 5950, काबुली सूडान 6600, मसूर कनाड़ा 6250, तुवर लेमन नई 10850, गजरी 10200, तुवर सूडान 11400, तुवर सफेद 10400, तुवर तंजानिया 10700 व उड़द एफएक्यू 9450 रुपए।
दलहन: चना कांटा 6350 से 6400, विशाल नया 6150, डंकी 5500 से 5800, मसूर 6000 से 6050, तुवर महाराष्ट्र 11200 से 11400, कर्नाटक 11300 से 11500, निमाड़ी 9800 से 11000, मूंग 9000 से 9200, बारिश का मूंग 9200 से 10000, एवरेज 7000 से 8000, उड़द बेस्ट 8800 से 9200, मीडियम 7000 से 8000, हल्का 3000 से 5000 रुपए क्विंटल।
दालें: चना दाल 8000 से 8100, मीडियम 8200 से 8300, बोल्ड 8400 से 8500, मसूर दाल मीडियम 7300 से 7400, बोल्ड 7500 से 7600, तुवर दाल सवा नंबर 14200 से 14300, फूल 15000 से 15100, बेस्ट तुवर दाल 16000 से 16100, ब्रांडेड तुवर दाल 17100, मूंग दाल मीडियम 10550 से 10650, बोल्ड 10750 से 10850, मूंग मोगर 11450 से 11550, बोल्ड 11650 से 11750, उड़द दाल मीडियम 11300 से 11400, बोल्ड 11500 से 11600, उड़द मोगर 11800 से 12000, बोल्ड 12100 से 12200 रुपए।
काबली चना कंटेनर भाव
काबली चना (40-42) 12300, (42-44) 12000, (44-46) 11700, (58-60) 10000 रुपए।
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इंदौर चावल भाव
इंदौर. दयालदास अजीत कुमार छावनी के अनुसार बासमती (921) 11500 से 12500, तिबार 10000 से 11000 , दुबार 8500 से 9500, मिनी दुबार 7500 से 8500, बासमती सेला 7000 से 9500, मोगरा 4500 से 7000, दुबराज 4500 से 5000, कालीमूंछ डिनरकिंग 8500, राजभोग 7500, परमल 3200 से 3400, हंसा सेला 3400 से 3600, हंसा सफेद 2800 से 3000, पोहा 4550 से 4800 रुपए।

4000 रुपए क्विंटल के स्तर पर पहुंचा शकर का दाम
इंदौर. मिलों की ऊंचे भाव पर शकर की बिकवाली किए जाने के साथ घरेलू मांग बढऩे से शकर की कीमतों में जोरदार तेजी आई है। सुपर शकर 4000 रुपए क्विंटल से ऊपर बिकी। उधर महाराष्ट्र के व्यापारी के अनुसार मार्केटिंग सीजन में शकर का कुल उत्पादन 320 लाख टन पर या इससे ऊपर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। ध्यान देने की बात है कि इस बार मध्य अप्रैल तक देश में करीब 311 लाख टन शकर का उत्पादन हुआ और अब 532 इकाइयों में से केवल 84 मिलें ही क्रियाशील हैं जबकि शेष 448 इकाइयां बंद हो चुकी हैं।
शकर 3870 से 3950, सुपर 3975, गुड़ भेली 3700, कटोरा 3900, लड्डू 4100, ग्लास 4600 से 4900, ऑर्गेनिक 6500, सिंघाड़ा बड़ा 105 से 110, छोटा 90,
रायलरतन साबूदाना लूज में 6700, 1 किलो पैकिग में 7200, सच्चामोती लूज में 6500, 1 किलो पैंकिंग में 7100, आधा किलो पैंकिंग में 7160, सच्चासाबु एगमार्क (आध किलो पैकिंग) 7640, साबूदाना चक्र एगमार्क (500 ग्राम) 7320, शिव ज्योति (1 किलो) 7240, साबूदाना गोपाल लूज (25 किलो) में 6820 रुपए (भाव प्रति क्विंटल में)। खोपरा गोला कट्टे में 114 व बाक्स में 120 से 138, खोपरा बूरा 2450 से 4500 रुपए।
मसाले : कालीमिर्च 545 से 550 मिनिमटर 575 से 580, मटरदाना 588 से 610, हल्दी निजामाबाद 225 से 250, हल्दी सांगली 290 से 300, जीरा 315 से 340, मीडियम 347 से 360, बेस्ट 390, सौंफ मोटी 130 से 140, बेस्ट 180 से 220, एक्सट्रा बेस्ट 280 से 325, बारीक 270 से 310, लौंग चालू 870 से 880, बेस्ट 900 से 915, दालचीनी 235 से 240, बेस्ट 250, जायफल 540 से 580, बेस्ट 600 से 640, जावत्री 1850, बेस्ट 1950, बड़ी इलायची 1375 से 1425, बेस्ट 1475 से 1675, पत्थरफूल 350 से 370, बेस्ट 415 से 475, बाद्यान फूल 540 से 560, बेस्ट 625 से 650, शाहजीरा खर 355 से 375, ग्रीन 640 से 655, तेजपान 95 से 105, तरबूज मगज 700 से 730, नागकेसर 925 से 1055, सौंठ 375 से 425, खसखस चालू 550 से 750, बेस्ट 1125 से 1350, धोली मूसली 2050 से 2250, हींग 751- 3450, पाउच में 10 ग्राम 3530, 121- 50 ग्राम 3250, पाउच में 10 ग्राम 3330, 111-50 ग्राम 3050, पाउच में 10 ग्राम 3130, पावडर 875 से 925, हरी इलायची 1850 से 1925, मीडियम 1950 से 2050, बेस्ट 2150 से 2250, एक्सट्रा बेस्ट 2450 से 2650, पानबार 2150 रुपए।
सूखे मेवे : काजू डब्ल्यू 240 नंबर 750 से 760, काजू डब्ल्यू 320 नंबर 675 से 685, काजू एस डब्ल्यू 300- 665 से 675, काजू जेएच 600 से 615, टुकड़ी 525 से 560, बादाम इंडिपेंडेट 550 से 575, कैलिफोर्निया 655 से 675, ऑस्ट्रेलिया 660, मोटा दाना 700, टांच 525 से 550, खारक 115 से 135, मीडियम 145 से 175, बेस्ट 225 से 300, किशमिश कंधारी 375 से 450, बेस्ट 500 से 600, इंडियन 145 से 155, बेस्ट 170 से 215, चारोली 2250 से 2350, बेस्ट 2450, मुनक्का 375 से 450, बेस्ट 525 से 855, अंजीर 725 से 850, बेस्ट 1125 से 1400, मखाना 640 से 725 बेस्ट 925 से 1200, पिस्ता कंधारी 3050 से 3150, पिशोरी 3350, नमकीन पिस्ता 950 से 1250, अखरोट 450 से 475, बेस्ट 600 से 650, अखरोट गिरी 625 से 1100, जर्दालू 250 से 350, बेस्ट 450 से 600 रुपए।
पूजन सामग्री : नारियल 120 भरती 2000 से 2050, 160 भरती 2000 से 2050, 200 भरती 2100 से 2150, 250 भरती 2150 से 2200, देशी कपूर 810 से 815, पूजा बादाम 85 से 90, बेस्ट 155 से 175, पूजा सुपारी 480, अरीठा 125 से 130 रुपए। केसर 195 से 200, बेस्ट 225 से 228 रुपए प्रति ग्राम, सिंदूर (25 किलो) 7500 रुपए।
आटा-मैदा : आटा चक्की 1460, रवा कट्टे में 1570, मैदा 1470, चना बेसन 4100 रुपए प्रति 50 किलो बोरी।
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इंदौर मावा 340 रुपए किलो। उज्जैन मावा 280 रुपए किलो।

डेयरी भाव- थोक में पनीर 360, रिटेल में 380 से 400, थोक में दही 100, रिटेल में 120, थोक में मक्खन 580, रिटेल में 600, थोक में घी 600, रिटेल में 640 रुपए।
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निजी कारोबार में गेहंू के भाव स्थिर
इंदौर. छावनी अनाज मंडी मेें अवकाश रहा। मंडी बाहर निजी कारोबार में गेहंू के भाव स्थिर रहे। गेहंू की 1500 बोरी आवक हुई। मिल क्वालिटी 2400 से 2475, लोकवन गेहंू 2950 से 3000, मालवराज 2450 से 2500, पूर्णा 2850 से 2900 रुपए क्विंटल। मक्का 2225 से 2275 रुपए क्विंटल बिकी। संघवी देवास 2490, संघवी निमरानी 2520 व मालनपुर 2430 रुपए क्विंटल।
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Tuesday, April 16, 2024

ईरान-इजराइल तनाव बढऩे के बीच सोने की कीमतों में आई तेजी

ईरान-इजराइल तनाव बढऩे के बीच सोने की कीमतों में आई तेजी
इंदौर. ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव की पृष्टभूमि में सोने की कीमतों और तेजी आ गई है। सोने के साथ चांदी के भाव भी बढ़े है। व्यापारियों का कहना है कि मुख्य रूप से ईरान-इजऱाइल संघर्ष की पृष्ठभूमि में सोने की कीमत नई ऊंचाई को पार कर रही है। लोगों ने सोने में निवेश तेज कर दिया है। इंदौर सराफा बाजार में सोना बिल पर 700 रुपए तेज होकर 75100 रुपए दस ग्राम पर पहुंचा वहीं चांदी 500 रुपए बढक़र 84900 रुपए किलो रही। कॉमेक्स पर सोना 2373.80 डॉलर प्रति औंस रहा। चांदी 28.24 डॉलर प्रति औंस पर रही। इंदौर सराफा बाजार सोना कैडबरी नकदी में (99.50) 74900 रुपए प्रति दस ग्राम। 22 कैरेट 68800 रुपए प्रति दस ग्राम। चांदी (एसए) चौरसा नकदी में 82500 व टंच 82600 रुपए प्रति किलो रही। आरटीजीएस में सोना कैडबरी 75100 रुपए प्रति दस ग्राम। चांदी (एसए) चौरसा 84900 रुपए किलो रही। चांदी सिक्का 900 रुपए प्रति नग रहा।
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आलू-प्याज और लहसुन की आवक कम
इंदौर. देवी अहिल्याबाई होलकर फल एवं सब्जी थोक मंडी में आलू-प्याज और लहसुन की आवक कमजोर रहने से भाव मजबूत बने रहे। मंडी में प्याज की 13 हजार, आलू की 15 हजार व लहसुन की 8 हजार बोरी आवक हुई। आलू बेस्ट 2000 से 2200, एवरेज 1800 से 1900, प्याज महाराष्ट्र 1600 से 1800, लोकल 1400 से 1600, एवरेज 800 से 1100, लहसुन ऊंची 15000 से 17000, बोल्ड 12000 से 12500, मीडियम 11000 व बारिक 9000 रुपए क्विंटल बिका।
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देश में 7 लाख बोरी सरसों की आवक
इंदौर. देश की मंडियों में 7 लाख बोरी सरसों की आवक हुई। राजस्थान में 4 लाख, मध्यप्रदेश में 75 हजार, यूपी में 75 हजार, पंजाब-हरियाणा में 50 हजार, गुजरात में 25 हजार व अन्य राज्यों में 75 हजार बोरी सरसों आई। देश में सोयाबीन की 2.50 लाख बोरी आवक बताई गई। मध्यप्रदेश में 1.10 लाख, महाराष्ट्र में 1.15 लाख, राजस्थान में 13 हजार व अन्य राज्यों में 12 हजार सोयाबीन की आवक रही।
लूज तेल (प्रति दस किलो) : इंदौर मंूगफली तेल 1500 से 1520, मुंबई मूंगफली तेल 1510, इंदौर सोयाबीन रिफाइंड 960 से 965, इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 905 से 910, मुंबई सोया रिफाइंड 955 से 960, मुंबई पाम तेल 960, इंदौर पाम 1030, राजकोट तेलिया 2320, गुजरात लूज 1460, कपास्या तेल इंदौर 940 रुपए।
तिलहन : सरसों निमाड़ी (बारीक) 5700 से 5750, एवरेज 5300 से 5500, रायड़ा 4600 से 4700, सोयाबीन 4700 रुपए क्विंटल। सोयाबीन डीओसी स्पॉट 41000 रुपए टन।
प्लांटों के सोयाबीन भाव : बैतूल 4840, लक्ष्मी 4840, प्रेस्टीज 4825, रुचि 4750, सांवरिया 4925, खंडवा 4800, धानुका 4845, एमएस नीमच 4850, एमएस पचोर 4800 व एवी 4750 रुपए।
कपास्या खली ( 60 किलो भरती) बिना टेक्स भाव - इंदौर 1850, देवास 1850, उज्जैन 1850, खंडवा 1825, बुरहानपुर 1825, अकोला 2875 रुपए।
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आपूर्ति में कमी से चना बढक़र 6350 रुपए बिका
इंदौर. नवरात्र के चलते मंडियों में दलहनों की आवक कम हो रही है खासकर चने काफी कम मात्रा में आ रहा है। स्टॉकिस्टों की मांग बनी रहने से चना 6300 से 6350 रुपए क्विंटल बिका। सुपर चना 6400 रुपए भी बोला गया। व्यापारियों का कहना है कि सरकारी स्टॉक कम होने के साथ चने का उत्पादन भी कम आंका जा रहा है, जिससे इसमें आगे मंदी के आसार नहीं है।
मुंबई पोट पर आयातित चना तंजानिया 5925, काबुली सूडान 6600, मसूर कनाड़ा 6250, तुवर लेमन नई 10825, गजरी 10200, तुवर सूडान 11400, तुवर सफेद 10400, तुवर तंजानिया 10700 व उड़द एफएक्यू 9400 रुपए।
दलहन: चना कांटा 6300 से 6350, विशाल नया 6150, डंकी 5500 से 5800, मसूर 6000 से 6075, तुवर महाराष्ट्र 11200 से 11400, कर्नाटक 11300 से 11500, निमाड़ी 9800 से 11000, मूंग 9000 से 9200, बारिश का मूंग 9200 से 10000, एवरेज 7000 से 8000, उड़द बेस्ट 8800 से 9200, मीडियम 7000 से 8000, हल्का 3000 से 5000 रुपए क्विंटल।
दालें: चना दाल 8000 से 8100, मीडियम 8200 से 8300, बोल्ड 8400 से 8500, मसूर दाल मीडियम 7300 से 7400, बोल्ड 7500 से 7600, तुवर दाल सवा नंबर 14200 से 14300, फूल 15000 से 15100, बेस्ट तुवर दाल 16000 से 16100, ब्रांडेड तुवर दाल 17100, मूंग दाल मीडियम 10550 से 10650, बोल्ड 10750 से 10850, मूंग मोगर 11450 से 11550, बोल्ड 11650 से 11750, उड़द दाल मीडियम 11300 से 11400, बोल्ड 11500 से 11600, उड़द मोगर 11800 से 12000, बोल्ड 12100 से 12200 रुपए।
काबली चना कंटेनर भाव
काबली चना (40-42) 12300, (42-44) 12000, (44-46) 11700, (58-60) 10000 रुपए।
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इंदौर चावल भाव
इंदौर. दयालदास अजीत कुमार छावनी के अनुसार बासमती (921) 11500 से 12500, तिबार 10000 से 11000 , दुबार 8500 से 9500, मिनी दुबार 7500 से 8500, बासमती सेला 7000 से 9500, मोगरा 4500 से 7000, दुबराज 4500 से 5000, कालीमूंछ डिनरकिंग 8500, राजभोग 7500, परमल 3200 से 3400, हंसा सेला 3400 से 3600, हंसा सफेद 2800 से 3000, पोहा 4550 से 4800 रुपए।

मिलों की भाव वृद्धि व लोकल मांग से शकर के दाम बढ़े
इंदौर. शकर मिलों की ऊंचे भाव पर बिकवाली किए जाने के साथ घरेलू बाजार मांग बढऩे से शकर के भाव में तेजी आई है। उधर केन्द्र सरकार ने 2023-24 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान देश से शकर के निर्यात की अनुमति देने की संभावना से इंकार कर दिया है जबकि उद्योग लगातार इसकी मांग करता आ रहा है। जीरे में मांग कम होने से भाव में गिरावट आई है।
शकर 3870 से 3950, सुपर 3975, गुड़ भेली 3700, कटोरा 3900, लड्डू 4100, ग्लास 4600 से 4900, ऑर्गेनिक 6500, सिंघाड़ा बड़ा 105 से 110, छोटा 90,
रायलरतन साबूदाना लूज में 6700, 1 किलो पैकिग में 7200, सच्चामोती लूज में 6500, 1 किलो पैंकिंग में 7100, आधा किलो पैंकिंग में 7160, सच्चासाबु एगमार्क (आध किलो पैकिंग) 7640, साबूदाना चक्र एगमार्क (500 ग्राम) 7320, शिव ज्योति (1 किलो) 7240, साबूदाना गोपाल लूज (25 किलो) में 6820 रुपए (भाव प्रति क्विंटल में)। खोपरा गोला कट्टे में 114 व बाक्स में 120 से 138, खोपरा बूरा 2450 से 4500 रुपए।
मसाले : कालीमिर्च 545 से 550 मिनिमटर 575 से 580, मटरदाना 588 से 610, हल्दी निजामाबाद 225 से 250, हल्दी सांगली 290 से 300, जीरा 315 से 340, मीडियम 347 से 360, बेस्ट 390, सौंफ मोटी 130 से 140, बेस्ट 180 से 220, एक्सट्रा बेस्ट 280 से 325, बारीक 270 से 310, लौंग चालू 870 से 880, बेस्ट 900 से 915, दालचीनी 235 से 240, बेस्ट 250, जायफल 540 से 580, बेस्ट 600 से 640, जावत्री 1850, बेस्ट 1950, बड़ी इलायची 1375 से 1425, बेस्ट 1475 से 1675, पत्थरफूल 350 से 370, बेस्ट 415 से 475, बाद्यान फूल 540 से 560, बेस्ट 625 से 650, शाहजीरा खर 355 से 375, ग्रीन 640 से 655, तेजपान 95 से 105, तरबूज मगज 700 से 730, नागकेसर 925 से 1055, सौंठ 375 से 425, खसखस चालू 550 से 750, बेस्ट 1125 से 1350, धोली मूसली 2050 से 2250, हींग 751- 3450, पाउच में 10 ग्राम 3530, 121- 50 ग्राम 3250, पाउच में 10 ग्राम 3330, 111-50 ग्राम 3050, पाउच में 10 ग्राम 3130, पावडर 875 से 925, हरी इलायची 1850 से 1925, मीडियम 1950 से 2050, बेस्ट 2150 से 2250, एक्सट्रा बेस्ट 2450 से 2650, पानबार 2150 रुपए।
सूखे मेवे : काजू डब्ल्यू 240 नंबर 750 से 760, काजू डब्ल्यू 320 नंबर 675 से 685, काजू एस डब्ल्यू 300- 665 से 675, काजू जेएच 600 से 615, टुकड़ी 525 से 560, बादाम इंडिपेंडेट 550 से 575, कैलिफोर्निया 655 से 675, ऑस्ट्रेलिया 660, मोटा दाना 700, टांच 525 से 550, खारक 115 से 135, मीडियम 145 से 175, बेस्ट 225 से 300, किशमिश कंधारी 375 से 450, बेस्ट 500 से 600, इंडियन 145 से 155, बेस्ट 170 से 215, चारोली 2250 से 2350, बेस्ट 2450, मुनक्का 375 से 450, बेस्ट 525 से 855, अंजीर 725 से 850, बेस्ट 1125 से 1400, मखाना 640 से 725 बेस्ट 925 से 1200, पिस्ता कंधारी 3050 से 3150, पिशोरी 3350, नमकीन पिस्ता 950 से 1250, अखरोट 450 से 475, बेस्ट 600 से 650, अखरोट गिरी 625 से 1100, जर्दालू 250 से 350, बेस्ट 450 से 600 रुपए।
पूजन सामग्री : नारियल 120 भरती 2000 से 2050, 160 भरती 2000 से 2050, 200 भरती 2100 से 2150, 250 भरती 2150 से 2200, देशी कपूर 810 से 815, पूजा बादाम 85 से 90, बेस्ट 155 से 175, पूजा सुपारी 480, अरीठा 125 से 130 रुपए। केसर 195 से 200, बेस्ट 225 से 228 रुपए प्रति ग्राम, सिंदूर (25 किलो) 7500 रुपए।
आटा-मैदा : आटा चक्की 1460, रवा कट्टे में 1570, मैदा 1470, चना बेसन 4100 रुपए प्रति 50 किलो बोरी।
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इंदौर मावा 340 रुपए किलो। उज्जैन मावा 280 रुपए किलो।

डेयरी भाव- थोक में पनीर 360, रिटेल में 380 से 400, थोक में दही 100, रिटेल में 120, थोक में मक्खन 580, रिटेल में 600, थोक में घी 600, रिटेल में 640 रुपए।
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मक्का के भाव में सुधार
इंदौर. छावनी अनाज मंडी मेें मक्का के भाव में सुधार देखा गया। गेहंू की 7000 बोरी आवक हुई। मिल क्वालिटी 2400 से 2475, लोकवन गेहंू 2950 से 3000, मालवराज 2450 से 2500, पूर्णा 2850 से 2900 रुपए क्विंटल। मक्का 2225 से 2275 रुपए क्विंटल बिकी। संघवी देवास 2490, संघवी निमरानी 2520 व मालनपुर 2430 रुपए क्विंटल।
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Sunday, April 14, 2024

बिल पर चांदी 84000 रुपए किलो

बिल पर चांदी 84000 रुपए किलो
इंदौर. सोना-चांदी की कीमतें रोजना नया रेकॉर्ड बना रही है। अब लोगों की धारणा भी मंदी से हट गई है। बाजार में सोना की धारणा 80 हजार व चांदी की एक लाख के पार जाने की लगाई जा रही है। बुधवार को सराफा बाजार में चांदी बिल पर 84000 रुपए किलो के स्तर पर पहुंची है। वहीं सोना 73800 रुपए प्रति दस ग्राम पर मजबूत बना हुआ है। कॉमेक्स पर सोना 2329.20 डॉलर प्रति औंस रहा। चांदी 27.66 डॉलर प्रति औंस पर रही। इंदौर सराफा बाजार सोना कैडबरी नकदी में (99.50) 73000 रुपए प्रति दस ग्राम। 22 कैरेट 67650 रुपए प्रति दस ग्राम। चांदी (एसए) चौरसा नकदी में 80600 व टंच 80700 रुपए प्रति किलो रही। आरटीजीएस में सोना कैडबरी 73800 रुपए प्रति दस ग्राम। चांदी (एसए) चौरसा 84000 रुपए किलो रही। चांदी सिक्का 900 रुपए प्रति नग रहा।
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आयात बढऩे से सोया तेल की कीमतों में गिरावट
इंदौर. देश में खाद्य तेलों का आयात बढऩे के साथ घरेलू मांग कमजोर रहने से सोया तेल की कीमतों में गिरावट आई है। विशाल मात्रा में सस्ते खाद्य तेलों का आयात होने के असर से फरवरी 2024 में सरसों तेल में महंगाई की दर में 18.14 प्रतिशत की भारी गिरावट आई गई। देश में खाद्य तेलों का आयात 2021-22 के मार्केटिंग सीजन की तुलना में 2022-23 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) में 17.4 प्रतिशत की भारी बढ़ोत्तरी के साथ 165 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया जिसका प्रमुख कारण सीमा शुल्क की दर में भारी कटौती होना तथा वैश्विक बाजार भाव नीचे रहना माना जाता है। क्रूड खाद्य तेलों पर केवल 5.5 प्रतिशत का शुल्क लागू है। सरकार ने पाम तेल, सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल पर निम्नस्तरीय आयात शुल्क की समय सीमा को 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दिया है।
लूज तेल (प्रति दस किलो) : इंदौर मंूगफली तेल 1500 से 1520, मुंबई मूंगफली तेल 1520, इंदौर सोयाबीन रिफाइंड 975 से 980, इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 930 से 935, मुंबई सोया रिफाइंड 960 से 965, मुंबई पाम तेल 965, इंदौर पाम 1023, राजकोट तेलिया 2360, गुजरात लूज 1475, कपास्या तेल इंदौर 930 रुपए।
तिलहन : सरसों निमाड़ी (बारीक) 5800 से 5850, एवरेज 5400 से 5600, रायड़ा 4600 से 4800, सोयाबीन 4650 रुपए क्विंटल। सोयाबीन डीओसी स्पॉट 40500 रुपए टन।
प्लांटों के सोयाबीन भाव : बैतूल 4900, लक्ष्मी 4900, प्रेस्टीज 4900, रुचि 4825, सांवरिया 4900, खंडवा 4875, धानुका 4910, एमएस नीमच 4950, एमएस पचोर 4850 व एवी 4800 रुपए।
कपास्या खली ( 60 किलो भरती) बिना टेक्स भाव - इंदौर 1850, देवास 1850, उज्जैन 1850, खंडवा 1825, बुरहानपुर 1825, अकोला 2875 रुपए।
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समर्थन मूल्य पर चना खरीदी सरकार के लिए मुश्किल
इंदौर. केंद्र सरकार ने समर्थन मूल्य पर चना खरीदी करना प्रारंभ करने की घोषणा की है, लेकिन मंडी भाव काफी ऊंचा होने से सरकार को खरीदी में मुश्किले आ सकती है। चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2022-23 सीजन के 5335 रुपए प्रति क्विंटल से 105 रुपए बढ़ाकर इस बार 5440 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है, जबकि मंडी भाव 5600 से 6000 रुपए चल रहा है। ऐसे में सरकार को बाजार मूल्य पर खरीदी करना पड़ सकती है ताकि सरकारी खरीदी लक्ष्य पूरा किया जा सके। वैसे भी केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2023-24 के वर्तमान रबी सीजन में चना का घरेलू उत्पादन 2022-23 सीजन की तुलना में कुछ घटकर 121.60 लाख टन पर सिमटने का अनुमान लगाया है अगर उद्योग-व्यापार क्षेत्र का मानना है कि वास्तविक उत्पादन इससे काफी कम होगा। फिलहाल सरकार भाव नियंत्रम करने की कोशिश कर रही है। केन्द्रीय उपभोक्ता भाव के सचिव निधि खरे ने कहा कि राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि व्यापारी, आयातक एवं मिलर्स अपने दलहन स्टॉक पोजीशन की घोषणा नियमित रूप से करे।
यह नियम 15 अप्रैल से प्रभावी हो जाएगा। सरकार चाहती है कि विदेशों से दलहनों का जो आयात हो रहा है उसे भारतीय बंदरगाहों पर सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा जल्दी से जल्दी क्लीयरेंस मिले ताकि वह दलहन घरेलू बाजार में पहुंचे। उपभोक्ता मामले सचिव का कहना था कि मंडियों में आवक बढऩे से चना का भाव कुछ नरम पड़ा है और यह न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास आ गया है।

चंटीचंड के उपलक्ष्य में इंदौर छावनी अनाज मंडी में अवकाश रहा। प्राइवेट कारोबार में चना और मसूर के साथ तुवर के भाव तेज रहे। तुवर दाल में 300 रुपए क्विंटल भाव बढ़े।
मुंबई पोट पर आयातित चना तंजानिया 5800, काबुली सूडान 6500, मसूर कनाड़ा 6250, तुवर लेमन नई 10900, गजरी 10300, तुवर सूडान 11600, तुवर सफेद 10500, तुवर तंजानिया 10700 व उड़द एफएक्यू 9350 रुपए।
दलहन: चना कांटा 6000 से 6025, विशाल नया 5900 से 5925, डंकी 5300 से 5500, मसूर 6050, तुवर महाराष्ट्र 11600 से 11800, कर्नाटक 11700 से 11900, निमाड़ी 10000 से 11300, मूंग 9000 से 9200, बारिश का मूंग 9200 से 10000, एवरेज 7000 से 8000, उड़द बेस्ट 8800 से 9200, मीडियम 7000 से 8000, हल्का 3000 से 5000 रुपए क्विंटल।
दालें: चना दाल 7800 से 7900, मीडियम 8000 से 8100, बोल्ड 8200 से 8300, मसूर दाल मीडियम 7250 से 7350, बोल्ड 7450 से 7550, तुवर दाल सवा नंबर 14200 से 14300, फूल 15000 से 15100, बेस्ट तुवर दाल 16000 से 16100, ब्रांडेड तुवर दाल 17100, मूंग दाल मीडियम 10550 से 10650, बोल्ड 10750 से 10850, मूंग मोगर 11450 से 11550, बोल्ड 11650 से 11750, उड़द दाल मीडियम 11200 से 11300, बोल्ड 11400 से 11500, उड़द मोगर 11600 से 11700, बोल्ड 11800 से 11900 रुपए।
काबली चना कंटेनर भाव
काबली चना (40-42) 12000, (42-44) 11800, (44-46) 11500, (58-60) 9600 रुपए।
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इंदौर चावल भाव
इंदौर. दयालदास अजीत कुमार छावनी के अनुसार बासमती (921) 11500 से 12500, तिबार 10000 से 11000 , दुबार 8500 से 9500, मिनी दुबार 7500 से 8500, बासमती सेला 7000 से 9500, मोगरा 4500 से 7000, दुबराज 4500 से 5000, कालीमूंछ डिनरकिंग 8500, राजभोग 7500, परमल 3200 से 3400, हंसा सेला 3400 से 3600, हंसा सफेद 2800 से 3000, पोहा 4550 से 4800 रुपए।

प्राइवेट कारोबार में पूजन समाग्री की अच्छी खरीदी
इंदौर. चेटीचंड के उपलक्ष्य में किराना बाजार में अवकाश रहा। प्राइवेट कारोबार में पूजन समाग्री में अच्छी खरीदी देखी गई खासकर पूजा सुपारी में जोरादर मांग रही।
शकर 3870 से 3900, सुपर 3910, गुड़ भेली 3700, कटोरा 3900, लड्डू 4100, ग्लास 4600 से 4900, ऑर्गेनिक 6500, सिंघाड़ा बड़ा 105 से 110, छोटा 90, सच्चासाबु एगमार्क (आध किलो पैकिंग) 7740, साबूदाना चक्र एगमार्क (500 ग्राम) 7440, शिव ज्योति (1 किलो) 7360, साबूदाना गोपाल लूज (25 किलो) में 6950 रुपए (भाव प्रति क्विंटल में)। खोपरा गोला कट्टे में 111 व बाक्स में 125 से 140, खोपरा बूरा 2350 से 4400 रुपए।
मसाले : कालीमिर्च 545 से 558 मिनिमटर 577 से 582, मटरदाना 590 से 608, हल्दी निजामाबाद 225 से 250, हल्दी सांगली 290 से 300, जीरा 315 से 340, मीडियम 347 से 360, बेस्ट 390, सौंफ मोटी 135 से 145, बेस्ट 180 से 220, एक्सट्रा बेस्ट 280 से 325, बारीक 270 से 310, लौंग चालू 870 से 880, बेस्ट 900 से 915, दालचीनी 235 से 240, बेस्ट 250, जायफल 540 से 580, बेस्ट 600 से 640, जावत्री 1850, बेस्ट 1950, बड़ी इलायची 1375 से 1425, बेस्ट 1475 से 1675, पत्थरफूल 350 से 370, बेस्ट 415 से 475, बाद्यान फूल 540 से 560, बेस्ट 625 से 650, शाहजीरा खर 325 से 355, ग्रीन 610 से 625, तेजपान 95 से 105, तरबूज मगज 700 से 730, नागकेसर 925 से 1055, सौंठ 375 से 425, खसखस चालू 550 से 750, बेस्ट 1125 से 1350, धोली मूसली 2050 से 2250, हींग 751- 3450, पाउच में 10 ग्राम 3530, 121- 50 ग्राम 3250, पाउच में 10 ग्राम 3330, 111-50 ग्राम 3050, पाउच में 10 ग्राम 3130, पावडर 875 से 925, हरी इलायची 1850 से 1925, मीडियम 1950 से 2050, बेस्ट 2150 से 2250, एक्सट्रा बेस्ट 2450 से 2650, पानबार 2150 रुपए।
सूखे मेवे : काजू डब्ल्यू 240 नंबर 750 से 760, काजू डब्ल्यू 320 नंबर 675 से 685, काजू एस डब्ल्यू 300- 665 से 675, काजू जेएच 600 से 615, टुकड़ी 525 से 560, बादाम इंडिपेंडेट 550 से 575, कैलिफोर्निया 655 से 675, ऑस्ट्रेलिया 660, मोटा दाना 700, टांच 525 से 550, खारक 115 से 135, मीडियम 145 से 175, बेस्ट 225 से 300, किशमिश कंधारी 375 से 450, बेस्ट 500 से 600, इंडियन 145 से 155, बेस्ट 170 से 215, चारोली 2250 से 2350, बेस्ट 2450, मुनक्का 375 से 450, बेस्ट 525 से 855, अंजीर 725 से 850, बेस्ट 1125 से 1400, मखाना 640 से 725 बेस्ट 925 से 1200, पिस्ता कंधारी 3000 से 3100, पिशोरी 3300, नमकीन पिस्ता 950 से 1150, अखरोट 450 से 475, बेस्ट 600 से 650, अखरोट गिरी 625 से 1100, जर्दालू 250 से 350, बेस्ट 450 से 600 रुपए।
पूजन सामग्री : नारियल 120 भरती 1950 से 2000, 160 भरती 1950 से 2000, 200 भरती 2050 से 2100, 250 भरती 2100 से 2150, देशी कपूर 810 से 815, पूजा बादाम 85 से 90, बेस्ट 155 से 175, पूजा सुपारी 480, अरीठा 125 से 130 रुपए। केसर 185 से 188, बेस्ट 220 से 223 रुपए प्रति ग्राम, सिंदूर (25 किलो) 7500 रुपए।
आटा-मैदा : आटा चक्की 1460, रवा कट्टे में 1570, मैदा 1470, चना बेसन 4000 रुपए प्रति 50 किलो बोरी।
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इंदौर मावा 300 रुपए किलो। उज्जैन मावा 240 रुपए किलो।

डेयरी भाव- थोक में पनीर 360, रिटेल में 380 से 400, थोक में दही 100, रिटेल में 120, थोक में मक्खन 580, रिटेल में 600, थोक में घी 600, रिटेल में 640 रुपए।
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धामनोद मंडी- कपास-4705 से 7455, गेहूं-2010 से 2495 , मक्का-1551 से 2116, सोयाबीन-3200 से 4700, मौसमी चना-5500 से 7100, डालर चना-8500 से 10465 रुपए।



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Tuesday, March 5, 2024

बैंकों के लिए RBI की नई गाइडलाइंस, क्रेडिट कार्ड जारी करने के नियमों में किए ये बदलाव

RBI guidelines change: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 मार्च, 2024 को कहा कि कार्ड जारीकर्ताओं (card issuers) को कार्ड नेटवर्क (card networks) के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहिए। ये उन्हें अन्य कार्ड नेटवर्क की सेवाओं का लाभ उठाने से रोकता है। RBI ने कहा कि कार्ड जारीकर्ताओं को जारी करते समय अपने पात्र ग्राहकों को कई कार्ड नेटवर्क में से चुनने का विकल्प भी प्रदान करना होगा। मौजूदा कार्डधारकों (cardholders) के लिए यह विकल्प अगले नवीनीकरण के समय प्रदान किया जा सकता है। यह कदम RBI की ओर से यह देखने के बाद आया है कि कार्ड नेटवर्क और कार्ड जारीकर्ताओं के बीच मौजूद कुछ व्यवस्थाएं ग्राहकों के लिए विकल्प की उपलब्धता के लिए अनुकूल नहीं हैं। केंद्रीय बैंक निर्देश अधिकृत कार्ड नेटवर्क को अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प., डायनर्स क्लब इंटरनेशनल लिमिटेड, मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक पीटीई नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया-रुपे, और वीज़ा वर्ल्डवाइड पीटीई लिमिटेड के रूप में परिभाषित करता है।

इन लोगों के लिए हैं ये दिशानिर्देश

आरबीआई (RBI) ने कहा कि कार्ड जारीकर्ताओं और कार्ड नेटवर्क को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि नए समझौते निष्पादित करके संशोधन या नवीनीकरण के समय मौजूदा समझौतों में नए नियम लागू किए जाएं। हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया कि नए निर्देश उन क्रेडिट कार्ड (credit cards) जारीकर्ताओं पर लागू नहीं हैं जिनके जारी किए गए सक्रिय कार्डों की संख्या 10 लाख या उससे कम है। इसके अलावा, कार्ड जारीकर्ता जो अपने स्वयं के अधिकृत कार्ड नेटवर्क पर क्रेडिट कार्ड जारी करते हैं। उन्हें इन दिशानिर्देशों से बाहर रखा गया है। आमतौर पर, अधिकृत कार्ड नेटवर्क क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए बैंकों और गैर-बैंकों के साथ गठजोड़ करते हैं। किसी ग्राहक को जारी किए गए कार्ड के लिए नेटवर्क का चुनाव कार्ड जारीकर्ता द्वारा तय किया जाता है और यह उन व्यवस्थाओं से जुड़ा होता है जो कार्ड जारीकर्ता अपने द्विपक्षीय समझौतों के संदर्भ में कार्ड नेटवर्क के साथ रखते हैं।

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Saturday, March 2, 2024

लोक सभा चुनाव 2024 से पहले दाल-रोटी होगी महंगी

Lok Sabha Elections 2024 बाजार में सबसे सस्ती होने के बाद, चना दाल आने वाले दिनों में कीमतों में बढ़ोतरी के लिए तैयार है। व्यापारियों ने कहा कि इससे दाल की खुदरा कीमत 110 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक हो जाएगी और इससे भी अधिक हो सकती है। वर्तमान में चना दाल या चना दाल देशभर के बाजारों में दूसरी सबसे सस्ती दाल है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों से पता चला है कि मसूर दाल के साथ चना दाल ही एकमात्र ऐसी दाल है जो 85-95 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच कारोबार कर रही है। मूंग, मसूर, अरहर और उड़द जैसी अन्य दालें 130-140 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक हैं और शेष वर्ष के दौरान इसी रेंज में कारोबार जारी रहेगा। केंद्र सरकार द्वारा 29 फरवरी को जारी खरीफ-रबी सीजन के दूसरे अग्रिम अनुमान में चने का उत्पादन 121.61 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है, जो 2022-23 के 122.67 लाख हेक्टेयर से मामूली कमी है।

कम उपज का ये रहा कारण

हालांकि, जमीनी स्तर पर दाल किसानों और दाल व्यापारियों का कहना है कि उत्पादन कम होगा। इसका मुख्य कारण रबी सीजन के दौरान फसल द्वारा महसूस की गई नमी की कमी के कारण कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में कम उपज की रिपोर्ट है। पिछले कुछ दिनों में ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश के कारण तैयार फसल को हुए हालिया नुकसान से गाड़ी में और अधिक उछाल आने की उम्मीद है। महाराष्ट्र में 74,000 हेक्टेयर से अधिक रबी कृषि भूमि प्रभावित हुई है और बाजार में तैयार चने और गेहूं पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है।

इन राज्यों पर पड़ेगा असर

कर्नाटक में, गुलबर्गा के व्यापारियों ने कहा कि उन्हें फंगल रोगों के हमले के कारण पैदावार में 30 प्रतिशत की गिरावट दिख रही है, जबकि मध्य प्रदेश से भी यही खबर है। सरकार के पास चने का स्टॉक लगभग 9 लाख टन है जिसे अभी तक उतारना बाकी है। लातूर, इंदौर और अकोला में अधिकांश किसान अभी तक अपना रबी चना बाज़ारों में नहीं लाए हैं। लातूर में चने की कीमतें सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5,440 रुपये से कहीं अधिक 5,800 रुपये प्रति क्विंटल हैं। उम्मीद से कम पैदावार के कारण चना दाल की कीमतें बढ़ने वाली हैं और दाल मिलों का कहना है कि दाल जल्द ही अन्य दालों की कीमत सीमा में शामिल हो सकती है।

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Wednesday, February 28, 2024

क्लेम रहित बीमा राशि लौटाने में मदद करेंगे एजेंट, इंश्योरेंस कंपनियों को जिम्मेदारी तय करने का निर्देश

बीमा नियामक बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDA) इरडा ने बिना क्लेम वाली बीमा पॉलिसी के मामलों में बड़ा बदलाव किया है। नियामक ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे दावारहित राशि लौटाने में बीमा एजेंट की मदद लें। इसके लिए एजेंटों और मध्यस्थों को ऐसी पॉलिसी के ग्राहकों का पता लगाना होगा और सभी दावा रहित पॉलिसी में उनके संपर्क विवरण, बैंक खाते आदि को अपडेट करना होगा। इरडा ने बीमा कंपनियों से कहा है कि वे अपने एजेंटों और मध्यस्थों को की ओर से बेची गई पॉलिसियों के प्रति जवाबदेह बनाएं। इसके तहत बीमा कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एजेंट या मध्यस्थ अपने ग्राहकों के प्रस्ताव फॉर्म और आवेदन पत्र जमा करते समय अपना फोन नंबर या ईमेल ID न दें।

लावारिस पॉलिसी की परिभाषा हुई तय

इरडा ने दावा न की गई राशि की परिभाषा को भी संशोधित किया है। अब ऐसी पॉलिसी, जहां मुकदमेबाजी, क्लेम पर किसी तरह की आपत्ति अथवा सरकारी एजेंसियों द्वारा पॉलिसी को फ्रीज करने के कारण दावा राशि रोक दी गई है, उन्हें लावारिस राशि नहीं माना जाएगा। नियामक ने स्पष्ट किया कि जिन पॉलिसी में लाभार्थी या उपभोक्ता संपर्क योग्य नहीं हैं, उन्हें लावारिस की श्रेणी में रखा जाएगा।

बीमा कंपनियों को दिए ये निर्देश

1. पॉलिसी रिन्यू करते समय पॉलिसीधारकों का मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस, नॉमिनी का विवरण आदि अपडेट करना होगा।

2. अधूरी केवाईसी पूरी करनी होगी। साथ ही नाबालिगों की दोबारा केवाईसी करनी होगी।

3. ग्राहकों को अपना कॉन्टैक्ट नंबर यानी मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स को ऑनलाइन अपडेट करना होगा।

4. बिना क्लेम वाली पॉलिसी के ग्राहकों तक पहुंचने के लिए विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल करना होगा।

5. पॉलिसीधारकों को पॉलिसी के मैच्योर होने से कम से कम 06 माह पहले अग्रिम सूचना देनी होगी।

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Tuesday, February 27, 2024

पत्रिका एक्सप्लेनर: स्मॉलकैप फंड्स में लगातार बढ़ रहे निवेश से इंडस्ट्री चिंतित, एकमुश्त निवेश के लिए बंद हो रहे दरवाजे

Patrika Explainer: स्मॉलकैप स्टॉक्स में लगातार बढ़ते निवेश को देखते हुए कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड्स ने 4 मार्च, 2024 से स्मॉलकैप फंड्स में लंपसम यानी एकमुश्त निवेश पर रोक लगा दी है। कंपनी ने कहा कि उसने मौजूदा यूनिटहोल्डर्स के हितों की रक्षा और स्मॉलकैप में हालिया उछाल को देखते हुए यह फैसला किया गया है। कोटक से पहले एसबीआइ म्यूचुअल फंड ने भी अपने स्मॉलकैप फंड में एकमुश्त निवेश को निलंबित कर दिया था। निप्पॉन इंडिया और टाटा म्यूचुअल फंड ने भी घोषणा की थी कि वह स्मॉलकैप में एकमुश्त राशि स्वीकार नहीं करेंगे। एक्सपट्र्स का कहना है कि फंड हाउस की ओर से स्मॉलकैप स्कीम्स में एकमुश्त निवेश के लिए दरवाजे बंद करना इस बात का संकेत है कि अब ये निवेश के लिए सुरक्षित ठौर नहीं रहे।

12,000 करोड़ से ज्यादा कैश पड़ा है स्मॉलकैप फंड के पास, सूझ नहीं रहा कहां करें निवेश 40% बढ़ी नकदी टॉप 10 स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स के पास पिछले 06 माह में स्मॉलकैप फंड्स में इतना आया निवेश

माह- नेट इनफ्लो

अगस्त 4,265

सितंबर 2,678

अक्टूबर 4,495

नवंबर 3,699

दिसंबर 3,857

जनवरी 3,257

(राशि करोड़ रुपए में)

क्यों निवेश लेना बंद कर रहे फंड हाउस

वाइटओक म्यूचुअस फंड के सीईओ आशीष सौमय्या ने कहा, पिछले दो साल में स्मॉलकैप में काफी रिटर्न आ चुका है और अब ये स्टॉक्स काफी महंगे हो चुके हैं। इनमें पिछले साल जितना रिटर्न आए, यह अब डाउटफुल है। स्मॉलकैप में 250 स्टॉक्स हैं और मिडकैप में 150 और इनका साइज भी लिमिटेड है। अगर बहुत सारा पैसा आता है तो फंड हाउस उसे सिलेक्टेड स्टॉक्स में ही डालेंगे। जिससे जोखिम बढ़ जाएगा। एतमुश्त निवेश पर रोक का निर्णय निवेशकों के हित में है।

क्या अधिक रिटर्न है इसकी वजह

फंड हाउस का कहना है कि अधिकतर स्मॉलकैप और मिडकैप स्टॉक्स कई गुना तक बढ़ चुके हैं और तेजी के ट्रेंड के कारण इनकी कीमत फेयर वैल्यू से अधिक हो चुकी है। वैल्यू रिसर्च के सीईओ धीरेंद्र कुमार ने कहा, स्मॉलकैप स्टॉक्स लार्जकैप की तुलना में अधिक वोलेटाइल होते हैं। इसलिए इसमें लॉन्गटर्म व्यू होना जरूरी है। मिडकैप-स्मॉल कैप फंड्स ने 2023 में 45त्न तक रिटर्न दिया है। इस जोरदार परफॉरमेंस के बाद जिस गति से पैसा आ रहा है, वह चिंता पैदा करता है।

क्या है डर?

बाजार नियामक सेबी ने भी रिटेल निवेशकों की ओर से स्मॉलकैप शेयरों और फंड्स में जरूरत से ज्यादा निवेश करने को लेकर चिंता जताई है। अगर बाजार में गिरावट आती है तो स्मॉलकैप से भारी मात्रा में विड्रॉवल हो सकता है, जिससे निवेशकों को बड़ा घाटा हो सकता है। इसलिए सेबी ने फंड हाउस से स्मॉल-मिडकैप को लेकर क्या जोखिम हैं, यह निवेशकों को बताने को कहा है। साथ ही पूछा है कि बड़ा रिडेम्प्शन आने पर वे कैसे निवेशकों को भुगतान करेंगे। इसके लिए फंड हाउस के कितने कैश का प्रावधान किया है।

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Sunday, February 25, 2024

जेनरेटिव AI 2024 का सबसे बड़ा साइबर सिक्योरिटी खतरा, हैकर्स कर रहे इस्तेमाल

Generative AI cybersecurity: जेनरेटिव AI को वर्ष 2024 के सबसे बड़े साइबर सिक्योरिटी खतरे की तरह देखा जा रहा है। मार्च 18 से 19 तक सिडनी में होने वाले गार्टनर सिक्योरिटी और जोखिम प्रबंधन शिखर सम्मेलन से पहले गार्टनर ने कहा है कि 2024 में जेनरेटिव AI की ताकत पर सवार हैकर्स सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर सकते हैं। लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) हैकिंग स्पेस में एक नए डिसरप्शन की शुरुआत हो सकते हैं। गार्टनर के अनुसार, एआइ जेन के इस आरंभिक दौर में ही हैकर्स पहले ही चैटजीपीटी और जेमिनी का इस्तेमाल अपने काम को गति देने के लिए कर चुके हैं। इसके पहले इसी तरह की चिंता सिस्को 2024 डेटा प्राइवेसी बेंचमार्क स्टडी में जताई गई थी।

27 फीसदी कंपनियों में AI पर रोक


यही वजह है कि दुनिया की हर चार में एक कंपनी AI के उपयोग को प्रतिबंधित कर रही हैं। सिस्को के अध्ययन के अनुसार, 27 फीसदी कंपनियां डेटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी की चिंता के मद्देनजर तात्कालिक रूप से एआइ के प्रयोग को प्रतिबंधित कर चुकी हैं। कंपनियों की सबसे बड़ी चिंता (69 फीसदी) है संगठन के वैधानिक और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा। इसके बाद अपने प्रतिस्पर्धी के समक्ष कारोबारी सूचनाएं और अपने ट्रेड सीक्रेट का उजागर हो जाना दूसरा सबसे बड़ा खतरा माना गया है।

AI से बनाए गई प्रचार सामग्री असली जितनी असरदार


उधर, शोधकर्ताओं की एक टीम ने 8,000 से अधिक अमरीकी वयस्कों पर किए एक अध्ययन में पाया है कि एआइ से बनाए गई प्रचार और प्रोपेगैंडा सामग्री भी लगभग उतने ही असरदार और प्रेरक हैं, जितने कि असल में बनाए गए प्रोपेगेंडा के साधन। इसके लिए अमरीका में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने छह अंग्रेजी भाषा में लिखे लेखों की पहचान की, जो खोजी पत्रकारों और शोधार्थियों के अनुसार, संभवतः ईरानी या रूसी के गुप्त प्रचार अभियानों का हिस्सा थे। उन्होंने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसै इस तरह की प्रचार सामग्री की मात्रा बढ़ जाएगी और उनका पता लगाना कठिन हो जाएगा।

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Saturday, February 24, 2024

FD में इन्वेस्ट कर पाएं अच्छा लाभ, इन बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है अधिक ब्याज

भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश चुनना सबसे अच्छा होता है। यही कारण है कि कई वरिष्ठ नागरिक अपना पैसा बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जैसे स्थिर विकल्पों में लगाना पसंद करते हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कर आप भी अच्छा लाभ उठा सकते हैं। कई बैंक वरिष्ठ नागरिकों को FD पर सामान्य निवेशकों की तुलना में ज्यादा ब्याज दर देते हैं। इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank) सामान्य नागरिकों को 7 दिनों से 10 साल के बीच की जमा अवधि के लिए 4 ले 9% तक का ब्याज प्रदान करता है। 444 दिनों में मैच्योर होने वाली FD पर यह बैंक 9% ब्याज देता है, लेकिन अगर कोई वरिष्ठ नागरिक इस स्कीम में निवेश (invest) करता है तो बैंक उन्हें 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देगा।

ये बैंक प्रदान करती हैं अधिक ब्याज

फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक (Fincare Small Finance Bank) वरिष्ठ नागरिकों को 7 दिनों से 10 साल के बीच की अवधि के लिए 3.60-9.21 फीसदी ब्याज प्रदान करती है। वहीं 750 दिनों में मैच्योर होने वाली FD पर 9.21% ब्याज मिलता है। जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank) वरिष्ठ नागरिकों को 365 दिनों में मैच्योर होने वाली FD पर 9 प्रतिशत ब्याज दर देता है। यह बैंक 7 दिनों से 10 साल के बीच की अवधि के लिए 3.50-9 फीसदी तक का ब्याज प्रदान करता है।

यहां भी उठा सकते हैं अधिक ब्याज का लाभ

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank Limited) वरिष्ठ नागरिकों को 7 दिनों से 10 साल के बीच की अवधि के लिए 4.50% से 9.10% तक ब्याज देती है। साथ ही 2 साल, 2 दिन में मैच्योर होने वाली FD पर 9.10% का उच्चतम ब्याज (Interest) प्रदान करती है। यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (Unity Small Finance Bank) वरिष्ठ नागरिकों को 1,001 दिनों में मैच्योर होने वाली FD पर 9 फीसदी ब्याज प्रदान करती है। 7 दिनों से 10 साल के बीच की वाली अवधि के लिए बैंक 4.50-9.50 फीसदी ब्याज देती है।

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गौतम अडानी करेंगे Uber के साथ काम, CEO दारा खोसरोशाही से की मुलाकात

Gautam Adani Collaborations With Uber: अडानी समूह ने अगले 10 वर्षों में भारत के हरित ऊर्जा परिवर्तन में अनुमानित $100 बिलियन का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें 2027 तक सौर विनिर्माण क्षमता को 10 गीगावॉट तक बढ़ाने की योजना है। यह बैठक तब हुई जब भारत का हरित और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में वृद्धि का मंच तैयार हो रहा है। अडानी समूह ने पिछले दिसंबर में कहा था कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक नेता बनने की कगार पर है और अदानी ग्रीन एनर्जी इस क्रांति में सबसे आगे है।

गौतम अडानी ने कहीं ये बातें

अडानी ग्रीन एनर्जी ने दिसंबर में घोषणा की थी कि कंपनी के प्रमोटर 1,480.75 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर अधिमान्य वारंट जारी करके इसमें 9,350 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। गौतम अडानी ने कहा कि अडानी परिवार का यह निवेश न केवल हमारे देश के स्वच्छ ऊर्जा के सपने को साकार करने के लिए बल्कि एक न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन के लिए हमारी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है, जहां हम पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करते हैं, साथ ही साथ अपनी तेज वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने के लिए हरित, किफायती विकल्पों को भी अपनाते हैं।

डिजिटल रूप से परिवहन को सक्षम बनाने पर की चर्चा

इस बीच, उबर (Ubar) भारत सहित दुनिया भर में अपने बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric vehicle) से बदलने की प्रक्रिया में है। इस महीने की शुरुआत में, राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ने कहा कि उसकी पर्यावरण-अनुकूल, वैश्विक ईवी सेवा, जिसे उबर ग्रीन कहा जाता है अब दिल्ली में उपलब्ध है। उबर ने उबर ऐप (Uber App) पर गतिशीलता पेशकशों की सीमा का विस्तार करने के लिए नेटवर्क के साथ एकीकरण का पता लगाने के लिए डिजिटल कॉमर्स के लिए सरकार समर्थित ओपन नेटवर्क के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। उबर के CEO दारा खोसरोशाही (Dara Khosrowshahi) ने अपनी भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात की और टिकाऊ और डिजिटल रूप से सक्षम परिवहन को सक्षम करने की पहल पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने शुक्रवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की. मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत में व्यापार करने को लेकर खोसरोशाही की आशावादिता को सुनना उत्साहवर्धक है।

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Friday, February 23, 2024

अगस्त में बंद हो रहा Gmail? गूगल ने X पर किया ये पोस्ट

Gmail shutting down: Google की ओर से जीमेल उपयोगकर्ताओं को संबोधित एक Email के कथित स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि कंपनी इस साल 1 अगस्त को Gmail को बंद कर रही थी। Email में यह भी दावा किया गया है कि अगस्त के बाद gmail से ईमेल भेजने प्राप्त करने और संग्रहीत करने का समर्थन नहीं करेगा।

gmail स्क्रीनशॉट में क्या लिखा

वर्षों तक दुनिया भर में लाखों लोगों को जोड़ने, निर्बाध संचार को सक्षम करने और अनगिनत कनेक्शनों को बढ़ावा देने के बाद gmail की यात्रा समाप्त हो रही है। 1 अगस्त, 2024 तक gmail आधिकारिक तौर पर बंद हो जाएगा। ये इसकी सेवा के अंत का प्रतीक होगा। इसका मतलब है gmail स्क्रीनशॉट में लिखा है कि अब ईमेल भेजने, प्राप्त करने या संग्रहीत करने का समर्थन नहीं करेगा। स्क्रीनशॉट को X (पूर्व में ट्विटर) और टिकटॉक (Tik Tok) पर हजारों बार साझा किया गया था। यह कदम Google द्वारा अपने एआई (AI) इमेज टूल जेमिनी पर प्रतिक्रिया का सामना करने के बाद आया है। छवि उपकरण इस सप्ताह एक विवाद का केंद्र था जब इसने नस्लीय-विविध नाजी सैनिकों की छवियां उत्पन्न कीं।

Google ने किया X पर पोस्ट

Google ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वह अपनी लोकप्रिय ईमेल सेवा, जीमेल को बंद नहीं कर रहा है, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अफवाहों के बाद कि यह सेवा इस साल के अंत में बंद हो रही है। आख़िरकार Google ने कदम उठाया और अटकलों पर विराम लगाते हुए पोस्ट लिखा, ‘जीमेल यहाँ रहने के लिए है।'
टेक विशेषज्ञों ने भी अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और कहा कि कंपनी इस साल जीमेल का HTML संस्करण बंद कर रही है, न कि संपूर्ण ईमेल सेवा। तकनीकी शिक्षक मार्शा कोलियर ने कहा, ‘जीमेल ने जनवरी 2024 से अपनी सेवा का केवल HTML संस्करण बंद कर दिया है। मानक @gmail बिल्कुल ठीक काम करता है। मूर्खतापूर्ण धोखा।’ जीमेल का HTML संस्करण उपयोगकर्ताओं को कम नेटवर्क वाले क्षेत्रों में अपने ईमेल तक पहुंचने की अनुमति देता है।

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Thursday, February 22, 2024

किसान आंदोलन के बीच मोदी सरकार ने किसानों के लिए खोला खजाना, कृषि कर्ज 20 लाख करोड़ के पार

मोदी सरकार के पिछले 10 साल के कार्यकाल में कृषि क्षेत्र में बैंक कर्ज में तेजी से वृद्धि हुई है। बैंकों ने चालू वित्त वर्ष 2023-24 की अप्रेल-जनवरी अवधि के दौरान कर्ज के रूप में 20.39 लाख करोड़ रुपए का वितरण किया है, जबकि पूरे 2013-14 में किसानों को 7.3 लाख करोड़ रुपए का कर्ज दिया गया था।सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में कृषि ऋण लक्ष्य 20 लाख करोड़ रुपए निर्धारित किया था। बैंक पहले ही लक्ष्य पार कर चुके हैं और इस वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 22 लाख करोड़ रुपए को पार कर सकता है।
कृषि मंत्रालय ने किसानों को सालाना सात प्रतिशत के कम ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए तीन लाख रुपए तक के अल्पकालिक फसल कर्ज को लेकर ब्याट योजना लागू की हुई है। योजना के तहत बैंकों को उनके संसाधनों के उपयोग पर प्रतिवर्ष दो प्रतिशत की ब्याज छूट दी जाती है। ऋण का समय पर भुगतान करने पर किसानों को 3% प्रोत्साहन दिया जाता है।

DBT के जरिए मिलेंगे 2.81 लाख करोड़

इसके अलावा, सरकार ने 2019 में पीएम-किसान योजना शुरू की। इसके तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपए की राशि तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी, लेकिन किसानों को योजना का लाभ दिसंबर, 2018 से दिया गया। 2018 से अबतक 11 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों को विभिन्न किस्तों के माध्यम से 2.81 लाख करोड़ रुपए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिए दिए गए।

हरित क्रांति 2.0 की जरूरत


आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने कहा कि भारत को दाल, तेल और सब्जी जैसी कम पानी की खपत वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए हरित क्रांति 2.0 की शुरुआत करने की जरूरत है। GTRI ने कहा है कि सरकार इस तरह की फसलों पर MSP(न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी दे सकती है।
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Wednesday, February 21, 2024

Patrika Explainer: MSME को पेमेंट के नए नियम, कारोबारियों में घबड़ाहट, कैंसिल करवा रहे पंजीकरण

 

एमएसएमई के हितों की रक्षा के लिए सरकार की ओर से लाए गए नए भुगतान नियमों ने बाजार के छोटे कारोबारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्थिति यह है कि कई छोटे कारोबारी खुद एमएसएमई रजिस्ट्रेशन को ही कैंसल कर रहे हैं।

क्या हैं नए नियम ?

असेसमेंट ईयर 2024- 25 के लिए नए पेमेंट नियमों के मुताबिक 50 करोड़ रुपए से कम टर्नओवर वाले एमएसएमई से खरीदारी करने वाले ग्राहकों को डिलीवरी के 45 दिनों के अंदर पेमेंट को सेटल करना होगा। इसके अलावा पेंडिंग पेमेंट के भुगतान का काम भी 31 मार्च, 2024 तक किया जाना चाहिए। अगर खरीदार नई पेमेंट टाइमलाइन का पालन नहीं करते हैं, तो एमएसएमई को किए जाने वाले बकाया भुगतान को टैक्स योग्य इनकम माना जाएगा।

 

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क्यों है विरोध ?

‘फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ महाराष्ट्र' (फेम) के प्रेजिडेंट जीतेंद्र शाह कहते हैं कि नए पेमेंट रुल्स में लघु उद्योग टिक ही नहीं सकेंगे। ऐसे में सेल्फ डिक्लेरेशन के तहत ही खुद अलग हो रहे हैं। कई बायर्स ने 31 मार्च को देखते हुए माल वापस करना शुरू कर दिया है।

क्या है चिंता?

मेटल कारोबारियों ने बताया कि नए नियम ने चिंता बढ़ा दी है और एमएसएमई को दिए गए ऑर्डर कैंसल करने की नौबत आ गई है। बाजार में डर का माहौल है।

 

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क्या रजिस्ट्रेशन रद्द करवाना सही है?

जानकारों का कहना है एमएसएमई को समय पर पेमेंट मिले और उसकी वर्किंग कैपिटल की रिक्वायरमेंट पूरी हो सके, इसके लिए इसे कंपनी एक्ट में डाला गया है। यह प्रोविजन तो पहले से है, लेकिन इसकी रिपोर्टिंग नहीं हो रही थी, इसलिए इसे इनकम टैक्स के दायरे में डाला गया है। इससे कारोबारियो में अफरा-तफरी मच गई। पेमेंट में देरी होने पर 3 गुना इंटरेस्ट देने के अलावा इनकम में जुड़ने की बात सामने आई तो बैचनी पैदा हो गई । अगर पमेंट में डिले हुआ तो 31 मार्च को आउटस्टेंडिंग खर्चे में क्लैम नहीं मिलेगा। जब तक पेमेंट नहीं होगा, यह इनकम में ऐड रहेगा और पेमेंट होने पर अगले साल डिडक्ट हो जाएगा।

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Sunday, February 18, 2024

क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट करते हैं तो हो जाइए सावधान! जानिए RBI ने Bitcoin को क्यों बताया खतरा

cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में पैसा लगाने वाले लोगों के लिए ये खबर बड़ा झटका दे सकती है। अगर आप भी क्रिप्टो में पैसा लगाते हैं, तो हो जाइए सावधान, क्योंकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई ) ने एकबार फिर इस टॉपिक पर अपना पक्ष रखा है। RBI के कार्यकारी निदेशक पी वासुदेवन ने कहना है कि क्रिप्टो करेंसी को मुद्रा (Money) नहीं माना जा सकता, क्योंकि इनका कोई अंतर्निहित मूल्य नहीं होता है। वासुदेवन ने भारतीय प्रबंध संस्थान-कोझिकोड में आयोजित एक परिचर्चा में कहा कि क्रिप्टो मुद्राओं को ‘मुद्रा’ नहीं कहा जा सकता क्योंकि उनका कोई अंतर्निहित मूल्य नहीं है।

‘Cryptocurrency से सभी देशों की आर्थिक स्थिरता को गंभीर खतरा’


बता दें कि वर्तमान में बिटकॉइन (Bitcoin) को भारत में कोई कानूनी समर्थन नहीं है। साथ ही निवेशकों को इसमें कारोबार (Business) से अर्जित आय पर कर देना पड़ता है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm payment bank) के खिलाफ कार्रवाई और कुछ अंतरराष्ट्रीय कार्ड प्रदाताओं पर लगाए गए प्रतिबंधों पर वासुदेवन ने कहा कि स्व-नियमन वित्त-प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बेहतर सुरक्षा कर सकता है। उन्होंने कहा कि आखिरकार निर्णय सरकार को यह लेना होगा कि क्रिप्टो मुद्राओं से किस तरह डील की जाए। आरबीआई (RBI) ने बिटकॉइन (bitcoin) जैसी नए जमाने की क्रिप्टो मुद्राओं को लेकर आलोचनात्मक रुख अपनाया है। RBI का कहना है कि ये मुद्राएं वित्तीय प्रणालियों के लिए प्रणालीगत जोखिम पैदा कर सकती हैं।
इससे पहले आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) भी कह चुके हैं कि क्रिप्टो करेंसी में निवेश करना बहुत ही जोखिम भरा है। साथ ही उनका कहना है कि क्रिप्‍टोकरेंसी (Cryptocurrency) को लेकर रिजर्व बैंक (RBI) का स्‍टैंड नहीं बदलेगा।बता दें कि पिछले साल भी गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि क्रिप्‍टो संपत्तियों पर आरबीआई (RBI) प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। RBI ने क्रिप्‍टोकरेंसी से सभी देशों की आर्थिक स्थिरता को गंभीर खतरा बताया है।
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Saturday, February 17, 2024

अमेरिका में इंटरनेट सनसनी बना लोकप्रिय चिकन सैंडविच, अब दिल्ली-NCR को बनाएगा दीवाना

लजीज खाना हर एक व्यक्ति को पसंद होता है। यदि आप वैश्विक पाक व्यंजनों का पता लगाने के लिए उत्सुक हैं, तो पोपीज़® (Popeyes®) के साथ अपनी लालसा को संतुष्ट करने के लिए तैयार रहें। बता दें कि लुइसियाना, यूएसए(USA) से शुरू हुआ एक प्रतिष्ठित फ्राइड चिकन ब्रांड (fried chicken) अब दिल्ली-एनसीआर ((Delhi-NCR) में अपनी पहचान बनाने को तैयार है। Popeyes अपने विशिष्ट काजुन-स्वाद वाले चिकन के साथ अच्छा टेस्ट देने का वादा करता है। इसमें शाकाहारियों के लिए भी एक मेन्यू शामिल है।

ये है Popeyes® की कहानी

1972 में स्थापित, Popeyes ने अपने प्रामाणिक स्वादों के लिए दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल की है। इसका प्रसिद्ध चिकन सैंडविच (Chicken Sandwich), जिसने 2019 में अमेरिका (USA) में इंटरनेट (Internet) पर तहलका मचा दिया, इसकी लोकप्रियता का सिर्फ एक उदाहरण है। Popeyes के सभी चिकन व्यंजन ताज़ा प्राप्त, एंटीबायोटिक मुक्त और MSG-मुक्त हैं। बोल्ड फ्लेवर वाले फ्राइड चिकन के साथ, पोपीज़ के मेनू में द हॉट एंड मेसी रेंज भी शामिल है, जो भारतीय मेहमानों के बीच पसंदीदा (Favourite food) बन गया है। इस रेंज में अद्वितीय स्मोकी मिर्च और मीठी मिर्च के स्वाद में तला हुआ चिकन शामिल है। मेनू में चावल के कटोरे और रैप्स जैसे भोजन विकल्प भी शामिल हैं। काजुन वेज बर्गर (Burger) जैसे व्यंजन, शाकाहारी मेहमानों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए शाकाहारी व्यंजनों में काजुन का स्वाद लाते हैं।

popeyes famous chicken sandwich

ऐसे तैयार की जाती है टेस्टी डिश

पोपीज़® की यात्रा काजुन पाक परंपराओं में निहित सर्वोत्तम-तला हुआ चिकन परोसने के दृष्टिकोण से शुरू हुई। पोपीज़® ( Popeyes) के रसदार और कुरकुरे तले हुए चिकन (Chicken) के पीछे का रहस्य इसकी सावधानीपूर्वक तैयारी में निहित है। चिकन को स्थानीय चिकन फार्मों से ताज़ा प्राप्त किया जाता है, और स्वाद बढ़ाने के लिए 12 घंटे से अधिक समय तक मैरीनेट किया जाता है। फिर इसे रसदार और कुरकुरा तला हुआ चिकन देने के लिए रेस्तरां में हाथ से पकाया जाता है और ब्रेड किया जाता है जो अंतिम काटने तक स्वादिष्ट(Tasty) बना रहता है। तो, Popeyes® के साथ यात्रा शुरू करें और लुइसियाना (Louisiana) की पाक विरासत का स्वाद चखें और स्टोर में भोजन का एक यादगार अनुभव लें।


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Friday, February 16, 2024

Air India को DGCA का नोटिस, एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर की कमी के चलते बुजुर्ग की हुई थी मौत

DGCA notice to Air India: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शुक्रवार को एक 80 वर्षीय यात्री की मौत के बाद एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया। व्हीलचेयर की कमी के कारण मुंबई हवाई अड्डे पर पैदल चलने से एक बुजुर्ग को हार्ट अटैक आ गया। जानकारी के अनुसार, 80 वर्षीय बाबू पटेल और उनकी पत्नी, 76 वर्षीय नर्मदाबेन पटेल ने न्यूयॉर्क से एयर इंडिया की AI-116 उड़ान से उतरने पर सहायता के लिए व्हीलचेयर का अनुरोध किया था। शुक्रवार को एक बयान में, एयर इंडिया ने कहा कि उसने व्हीलचेयर की कमी के कारण पति से इंतजार करने का अनुरोध किया था, लेकिन उसने अपनी पत्नी के साथ बिना सहायता के चलने का फैसला किया। वह मुंबई हवाई अड्डे पर आव्रजन प्रक्रिया के समय हवाई अड्डे के स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय के पास गिर गए।

 

एयर इंडिया ने बचाव में दिया ये बयान

एयरलाइन ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। 12 फरवरी को न्यूयॉर्क से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाले हमारे मेहमानों में से एक यात्री अपनी व्हीलचेयर पर सवार पत्नी के साथ आव्रजन करने के लिए जा रहा था। इसी बीच वह बीमार पड़ गया। एयरलाइन ने कहा कि बीमार होने के बाद उसकी देखभाल कर रहे हवाईअड्डे के डॉक्टर की सलाह के अनुसार यात्री को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मुंबई हवाईअड्डा परिचालक एमआईएएल के एक अधिकारी ने कहा कि व्हीलचेयर सहायता पूरी तरह से एयरलाइन द्वारा दी गई एक सेवा है।

 

डीजीसीए ने एयर इंडिया को जारी किया नोटिस


डीजीसीए ने नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं के प्रावधानों का अनुपालन न करने और विमान नियम, 1937 के उल्लंघन का हवाला देते हुए एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सीएआर के पैरा 4.1.7 के अनुसार, एयरलाइंस ऐसे यात्रियों को व्यापक सहायता प्रदान करने के लिए बाध्य हैं। प्रस्थान टर्मिनल से विमान तक और आगमन पर प्रस्थान टर्मिनल से विमान तक उनके निर्बाध यात्रा अनुभव को सुनिश्चित करना। एयर इंडिया को नोटिस का जवाब देने और नियामक आवश्यकताओं का पालन करने में अपनी विफलता के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। डीजीसीए ने सभी एयरलाइनों को एक व्यापक सलाह भी जारी की है, जिसमें उनसे यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है कि भविष्य में इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए चढ़ने और उतरने की प्रक्रिया के दौरान यात्रियों की सहायता के लिए पर्याप्त संख्या में व्हीलचेयर उपलब्ध हों।

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Thursday, February 15, 2024

Google और Amazon को एक झटके में पछाड़ा, बनी तीसरी सबसे बड़ी अमेरिकी कंपनी, क्या आपने सुना है इसका नाम?

पिछले कुछ दिनों से एक कंपनी काफी चर्चा में है, इसका नाम है एनवीडिया।एनवीडिया (Nvidia) ने 14 फरवरी को गूगल-पैरेंट अल्फाबेट के शेयर बाजार पूंजीकरण को कुछ समय के लिए पछाड़कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। एआई एनवीडिया (AI Nvidia) के पोस्टर बॉय ने बुधवार को गूगल-पैरेंट अल्फाबेट के शेयर बाजार पूंजीकरण को कुछ समय के लिए पछाड़कर तीसरी सबसे बड़ी अमेरिकी कंपनी बन गई। यह उछाल एनवीडिया के चिप्स की मजबूत मांग से प्रेरित था, जिसका व्यापक रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंप्यूटिंग में उपयोग किया जाता है।

ये रिकॉर्ड बना चुकी है

पिछले 12 महीनों में, कंपनी के स्टॉक में 231% की प्रभावशाली वृद्धि हुई है, जो रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है और इसका बाजार मूल्य प्रभावशाली 1.83 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसकी तुलना में अल्फाबेट का बाजार पूंजीकरण $1.82 ट्रिलियन है। इस वर्ष एनवीडिया के उल्लेखनीय प्रदर्शन ने इसे एसएंडपी 500 घटकों के बीच शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया है, यहां तक कि प्रसिद्ध मैग्नीफिसेंट सेवन के घटकों को भी पीछे छोड़ दिया है। अपने चौथी तिमाही के नतीजों की रिपोर्ट करने से कुछ दिन पहले, एनवीडिया ने बाजार मूल्य में Amazon.com को भी पीछे छोड़ दिया और पांचवां स्थान हासिल किया। विशेष रूप से, Microsoft पहले Apple को पछाड़कर सबसे बड़ी अमेरिकी कंपनी बन गई थी।

कंपनी का राजस्व तीन गुना बढ़ने की है उम्मीद

वॉल स्ट्रीट विश्लेषकों का अनुमान है कि एनवीडिया का चौथी तिमाही का मुनाफ़ा 11.38 बिलियन डॉलर तक बढ़ जाएगा - जो कि पिछले वर्ष की तुलना में आश्चर्यजनक रूप से 400% अधिक है। इसके अलावा, कंपनी का राजस्व तीन गुना से अधिक बढ़कर 20.37 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। एलएसईजी डेटा के अनुसार, वर्तमान में यह अपने अग्रिम आय अनुमान के 33.19 गुना पर कारोबार कर रहा है, एनवीडिया का मूल्यांकन उद्योग के औसत गुणक 27.35 से अधिक है। यह उच्च गुणक बताता है कि स्टॉक ने पहले ही अपनी कमाई क्षमता का आकलन कर लिया है, जिससे आगे बढ़ने की गुंजाइश सीमित है।

बाज़ार मूल्य के हिसाब से सबसे बड़ी अमेरिकी कंपनियां

इस साल की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल को पछाड़कर अमेरिका की सबसे बड़ी कंपनी बन गई थी। और पिछले हफ्ते, एनवीडिया ने Amazon.com के बाजार मूल्य को पार कर लिया, जिससे खुदरा दिग्गज पांचवें स्थान पर आ गया। तो, बाजार मूल्य के हिसाब से शीर्ष पांच सबसे बड़ी अमेरिकी कंपनियां माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, गूगल-पैरेंट अल्फाबेट, एनवीडिया और अमेज़ॅन हैं।
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Wednesday, February 14, 2024

Explainer: बीमा सुगम से 20 से 25 फीसदी तक सस्ता हो जाएगा इंश्योरेंस प्रीमियम, जानिए कैसे

दो साल की तैयारी के बाद बीमा नियामक इरडा ने इलेक्ट्रॉनिक इंश्योरेंस मार्केटप्लेस ‘बीमा सुगम’ के लिए ड्राफ्ट रेगुलेशन जारी कर दिया है। यह प्लेटफॉर्म बीमा पॉलिसी की बिक्री और नवीनीकरण समेत कई सेवाओं के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा। ड्राफ्ट रेगुलेशन पर 04 मार्च, 2024 तक लोगों की राय मांगी गई है। बीमा सुगम को कंपनीज एक्ट 2013 के तहत बनाया जाएगा, जो नॉट-फॉर-प्रॉफिट कंपनी होगी।

क्या है बीमा सुगम?

यह एक आनलाइन पोर्टल होगा, जहां यहां सभी बीमा कंपनियों के उत्पाद होंगे, जिन्हें ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार खरीद सकेंगे। इस प्लेटफॉर्म पर सभी तरह के बीमा खरीदने, दावा निपटान, बीमा और एजेंट पोर्टेबिलिटी आदि जैसी सुविधाएं मिलेंगी। एजेंट के लिए भी पॉलिसी बेचने का विकल्प होगा। इस मंच से पॉलिसी खरीदने पर उसकी सॉफ्ट कॉपी इलेक्ट्रॉनिक इंश्योरेंस अकाउंट के जरिए संबंधित ग्राहक तक पहुंच जाएगी।

कितना सस्ता होगा बीमा खरीदना?

अभी बीमा एजेंट नई बीमा पॉलिसी पर 30-40त्न तक कमीशन लेते हैं। जबकि बीमा सुगम के जरिए पॉलिसी खरीदने पर ब्रोकर सिर्फ 5-8त्न तक ही कमीशन ले पाएंगे। इससे प्रीमियम राशि में 20त्न से 25त्न तक की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे बीमा खरीदना सस्ता होगा।

किन चीजों की होगी जरूरत?

बीमा सुगम का लाभ लेने के लिए केवाईसी की जरूरत पड़ेगी। जैसे ही इस प्लेटफॉर्म पर जाएंगे, सबसे पहले आपसे आधार नंबर मांगा जाएगा। इसके जरिए ही आपकी केवाईसी पूरी की जाएगी। इस मंच पर ग्राहकों की सभी निजी जानकारी गुप्त रखी जाएगी।

क्या सुविधाएं मिलेंगी?

बीमा सुगम बीमा दलालों, एजेंटों, एग्रीगेटर्स, बैंकों आदि सहित सभी के लिए एक ही छत के नीचे बीमा ढूंढना आसान बना देगा। इसके अलावा बीमा सुगम इंश्योरेंस पॉलिसियों की बिक्री, दावों के निपटान और सर्विसिंग के लिए भी जिम्मेदार होगा।

लोगों को क्या फायदा होगा?

- बीमा सुगम पॉलिसीधारकों को खुद का ऑनलाइन ई-बीमा खाता रखने की सुविधा देगा।

-स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा, मोटर बीमा या कोई अन्य बीमा पॉलिसी हो, सभी विवरण पॉलिसीधारक कभी भी प्राप्त कर सकेंगे।

- बीमा पॉलिसी खरीदने, प्रीमियम के भुगतान के साथ ग्राहकों के पास एजेंट पोर्टेबिलिटी और पॉलिसी पोर्टेबिलिटी आदि की सुविधा मिलेगी।

- इससे पॉलिसी कागजात की चोरी या हानि होने का जोखिम भी कम हो जाएगा। धोखाधड़ी के बचने में भी मदद मिलेगी।
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Sunday, February 11, 2024

फ्रांस के बाद, श्रीलंका और मॉरीशस में आज पीएम मोदी करेंगे UPI सेवाओं की शुरुआत

Sri Lanka and Mauritius UPI: फ्रांस में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) लॉन्च होने के एक हफ्ते बाद, श्रीलंका और मॉरीशस भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली को सक्षम करने वाले नवीनतम देश बनने जा रहे हैं। आज मॉरीशस में RuPay कार्ड भी पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 1 बजे लॉन्च कार्यक्रम को देखने के लिए अपने मॉरीशस समकक्ष प्रविंद जुगनौथ और श्रीलंकाई राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के साथ वर्चुअली जुड़ेंगे।

‘दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ेगी’

पीएम मोदी ने कहा कि श्रीलंका और मॉरीशस के साथ भारत के मजबूत सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के संबंधों को देखते हुए, इस लॉन्च से तेज और निर्बाध डिजिटल लेनदेन अनुभव के माध्यम से व्यापक वर्ग के लोगों को लाभ होगा। साथ ही दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ेगी। दोनों देशों की यात्रा करने वाले भारतीय भुगतान करने के लिए यूपीआई का उपयोग कर सकेंगे जबकि भारत की यात्रा करने वाले मॉरीशस के लोग भी इसका उपयोग कर सकेंगे। RuPay सेवाओं के विस्तार से मॉरीशस के बैंक RuPay कार्ड जारी करने और भारत और मॉरीशस दोनों में निपटान के लिए उनका उपयोग करने में सक्षम होंगे। सरकार ने कहा है कि भारत फिनटेक इनोवेशन और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री ने हमारे विकास के अनुभवों और इनोवेशन को साझेदार देशों के साथ साझा करने पर जोर दिया है।

2 फरवरी को फ्रांस में हुआ था लॉन्च

यूपीआई को 2 फरवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान पेरिस के एफिल टॉवर में लॉन्च किया गया था। इसे सरकार ने पीएम मोदी के यूपीआई को वैश्विक स्तर पर ले जाने के दृष्टिकोण का हिस्सा बताया था। यूपीआई भारत में एक मोबाइल-आधारित भुगतान प्रणाली है। यह वर्चुअल भुगतान पते के माध्यम से चौबीसों घंटे भुगतान की अनुमति देती है। यह एक ही ऐप में कई बैंक खातों को सशक्त बनाता है और कई बैंकिंग सुविधाओं को एक हुड के तहत लाता है।
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