नई दिल्ली। कोरोना काल में देश के आम और कम रुपया कमाने वाले लोगों को एक बात जरूर सिखाई और वो हैं बचत योजनाओं में निवेश करना। ताकि भविष्य में ऐसे किसी महामारी काल में पैदा हुए आर्थिक संकट से दिक्कतों का सामना ना करना पड़े और भविष्य पूरी तरह से सुरक्षित हो जाए। इस अंदाजा पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा जारी आंकढ़ें से लगाया जा सकता है। पीएफआरडीए की ओर जारी रिकॉर्ड के अनुसार नेशनल पेंशन सिस्टम और अटल पेंशन योजना में बीते एक साल अक्टूबर 2019 से अक्टूबर 2020 के बीच जुडऩे वाले लोगों की संख्या में 23.27 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर किस तरह के आंकड़े जारी हुए हैं।
जारी किए कुछ इस तरह के आंकड़े
- नेशनल पेंशन स्कीम में एक साल में 73 लाख नए लोग जुड़े हैं।
- पेंशन योजनाओं के तहत योगदान में इस दौरान 33.79 फीसदी का इजाफा हुआ है।
- अक्टूबर 2019 तक जहां विभिन्न पेंशन स्कीम में 3.83 लाख करोड़ रुपए जमा थे।
- अक्टूबर 2020 में यह राशि बढ़कर 5.13 लाख करोड़ रुपए हो चुकी है।
- एनपीएस सब्सक्राइबर्स की संख्या अक्टूबर 2019 में 310.80 लाख थी।
- अक्टूबर 2020 में एनपीएस सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़कर 383.12 लाख तक पहुंची।
- एक साल में एनपीएस सब्सक्राइबर्स की संख्या में 23.27 फीसदी का इजाफा हुआ।
- अटल पेंशन योजना के सब्सक्राइबर्स की संख्या में एक साल में 34.51 फीसदी की वृद्धि हुई।
- अक्टूबर 2020 में एपीवाई सब्सक्राइबर्स की संख्या 2.45 करोड़ तक पहुंच गई।
- अक्टूबर 2019 में APY सब्सक्राइबर्स की संख्या महज 1.82 करोड़ थी।
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एनपीएस के आंकड़े
- एक साल की अवधि में एनपीएस में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ी है।
- अक्टूबर 2019 में एनपीएस में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की संख्या 10.38 लाख थी।
- अक्टूबर 2020 तक 33 फीसदी के इजाफे के साथ संख्या 43.15 लाख तक पहुंच गई।
- कॉरपोरेट सेक्टर में काम करवने वाले लोगों की संख्या 19.24 फीसदी बढ़ी है।
- अक्टूबर 2019 में एनपीएस में कॉरपोरेट सेक्टर के 8.87 लाख सब्सक्राइबर्स थे।
- अक्टूबर 2020 में बढ़कर 10.57 लाख हो गए हैं।
- इसी तरह स्टेट गवर्मेंट के कर्मचारियों की भागीदारी 7.77 फीसदी हो गई है।
- सेंट्रल गवरमेंट के कर्मचारियों की संख्या एनपीएस में 4.71 फीसदी तक बढ़ गई है।
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