Thursday, August 6, 2020

Microsoft Bytedance Deal में छिपा है भारत में TikTok की एंट्री राज, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली। देश के करीब 20 करोड़ टिकटॉक एक्टिव यूजर्स ( TikTok Active Users India )के लिए बड़ी खबर है। अगर माइक्रोसॉफ्ट ( Microsoft ) की प्लानिंग हो गई और बाइटडांस के साथ डील ( Bytedance Microsoft Deal ) हो गई तो टिकटॉक के भारतीय बैन हट सकता है। यानी एक बार फिर से टिकटॉक के लिए भारत के दरवाजे खुल जाएंगे। वास्तव में अब माइक्रोसॉफ्ट की नजर टिकटॉक के ग्लोबल ऑपरेशंस पर टिक गई है। जिसमें भारत का नाम भी शामिल है। खास बात तो ये है कि माइक्रोसॉफ्ट देश के 20 करोड़ यूजर्स को बिल्कुल भी छोडऩे के मूड में नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसे में बाइटडांस और माइक्रोसॉफ्ट के बीच चल रही डील ( Microsoft Bytedance Deal ) को लेकर बातचीत काफी अहम है।

भारत के यूजर्स पर माइक्रोसॉफ्ट की नजर
विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट की नजरें अब इंडियन यूजर्स पर टिक गई हैं। टिकटॉक के भारत में 20 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं। साथ ही टिकटॉक का बिजनेस वैल्यू करीब 10 बिलियन डॉलर है। जिसे खरीदने में माइक्रोसॉफ्ट को बिल्कुल भी परेशानी नहीं होगी। आपको बता दें कि बीते रविवार को माइक्रोसॉफ्ट की ओर से बयान जारी किया गया था कि वो अमरीका के साथ कनाडा न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के ऑपरेशंस खरीदने की बात बाइटडांस के साथ कर रहे हैं। ऐसे में भारत का नाम आना काफी दिलचस्प है।

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ग्लोबल बिजनेस खरीदना चाहती है माइक्रोसॉफ्ट
विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन में टिकटॉक नहीं है। यहां पर बाइटडांस की ओर से दूसरा ऐप क्रिएट किया हुआ है। जिसमें माइक्रोसॉफ्ट की कोई दिलचस्पी नहीं है। लेकिन टिकटॉक के तमाम ऑपरेशंस को खरीदने का पूरा जोर लगा रही है। इसके लिए बाइटडांस की ओर से लगातार बातचीत चल रही है। अगर ऐसा होता है टिकटॉक से चीनी होने का तमगा हट जाएगा। जिसके बाद जिन देशों में टिकटॉक को बैन किया हुआ है वहां से भी बैन हट जाएगा।

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भारत में टिकटॉक का गणित
- सेंसर टॉवर डेटा के अनुसार भारत में 650 मिलियन बार डाउनलोड किया गया है।
- 200 मिलियन (20 करोड़) रजिस्टर्ड यूजर्स हैं।
- वित्त वर्ष 2019 में कंपनी को 100 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला था।
- वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही ( बैन होने से पहले ) टिकटॉक का ग्रोथ रेट करीब 8 फीसदी था।
- टिकटॉक के बैन होने के बाद ग्लोबल टाइम्स ने भारत में 45 हजार करोड़ रुपए के कारोबार का नुकसान बनाया था।



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